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पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे को अनुराधा इंजीनियरिंग कॉलेज से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बोंद्रे ने इतने पुराने रिकॉर्ड और व्यापक जानकारी सात दिनों में उपलब्ध कराने की समय-सीमा पर सवाल उठाए।
बोंद्रे अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार प्रा। अदिति पोहरे के प्रचार में जुटे हैं।
Buldhana Congress: अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस की उम्मीदवार प्रा। अदिती पोहरे के प्रचार में जुटे पूर्व विधायक एवं परमहंस रामकृष्ण मौनीबाबा शिक्षण संस्था के अध्यक्ष राहुल बोंद्रे को उपविभागीय पुलिस अधिकारी कायर्यालय की ओर से अनुराधा इंजीनियरिंग कॉलेज के दस्तावेज 7 दिनों में प्रस्तुत करने का नोटिस दिया गया है।
स्कूलों के दौरे के बाद नोटिस मिलने पर बद्रि ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे जननायक राहुल गांधी से मिले 'डरो मत' के मंत्र ने उन्हें अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने का साहस दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस का जवाब कानूनी प्रक्रिया के अनुसार दिया जाएगा और वे लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। राहुल बोंद्र ने बताया कि 8 जून को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार से सवाल पूछने के बाद 13 जून को उनके और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।
बाद में न्यायालय से उन्हें जमानत मिली। उनके अनुसार, जब वे भाजपा में जाने पर विचार कर रहे थे, तब उनके खिलाफ कार्रवाई रुक गई थी। लेकिन राहुल गांधी से संवाद के बाद उन्होंने कथित अन्यायपूर्ण सरकार के खिलाफ संघर्ष का निर्णय लिया।
राहुल बोंद्रे के अनुसार, उपविभागीय पुलिस अधिकारी विलास यामावार ने अनुराधा इंजीनियरिंग कॉलेज से संबंधित विभिन्न दस्तावेज, विद्यार्थियों, छात्रवृत्ति और अन्य प्रशासनिक अभिलेख मांगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 1992 से संबंधित व्यापक जानकारी केवल 7 दिनों में प्रस्तुत करने के निर्देश कैसे दिए जा सकते हैं। उनका आरोप है कि शिकायतकर्ता ने जिन विषयों की मांग नहीं की, उनसे संबंधित जानकारी भी पुलिस ने मांगी है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि पुलिस किसके कहने पर और किसके दबाव में कार्रवाई कर रही है।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने आरोप लगाया है कि उसके पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे पर सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया गया था। पार्टी ने दावा किया कि जब विधायक ने पाला नहीं बदलने का फैसला किया तो उनके शैक्षणिक संस्थान के संबंध में पुलिस की ओर से नोटिस भेजकर उनी निशाना बनाया जा रहा था, विपक्षी दल ने रविवार को सोशल मीडिया मच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बोंडे की व्यक्त्तिगत रूप से फोन किया, उन्हें समर्थन का आश्वासन दिया और बिना किसी डर के लड़ने की सलाह दी। पार्टी के अनुसार, इसके बाद बोंडे ने भारतीय जनता पार्टी। भाजपा) में शामिल नहीं होने का फैसला किया। कांग्रेस ने कहा कि यह विदर्भ क्षेत्र के बुलढाणा जिले के चिखली से पूर्व विधायक बोंद्रे के साथ मजबूती से खड़ी है।