वंचितों को मुख्यधारा में लाए बिना भारत नहीं बनेगा विश्वगुरु, खामगांव में मोहन भागवत का बड़ा बयान

Mohan Bhagwat Statement: खामगांव में मोहन भागवत ने पारधी समाज के आवासीय विद्यालय में तीन खेल मैदानों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वंचित समुदायों को मुख्यधारा में लाना जरुरी है।
mohan bhagwat paradhi community mainstream khamgaon
मोहन भागवत(सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Buldhana News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि देश को सही मायने में 'विश्वगुरु' बनाने के लिए वंचित और हाशिए पर रहने वाले लोगों को मुख्यधारा में लाना जरूरी है। खामगांव में पारधी समुदाय के आवासीय विद्यालय में तीन खेल मैदानों का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस समुदाय को आज हम गैर अधिसूचित या 'भटके-विमुक्त' समुदाय कहते हैं, वह कभी ज्ञान प्रदान करने वाला समुदाय हुआ करता था। कार्यक्रम में राज्य के आदिवासी विकास मंत्री डॉ। अशोक उईके, कामगार मंत्री आकाश फुंडकर तथा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता अंबादास दानवे उपस्थित थे।

योजनाओं को लाभ अंतिम घटक तक पहुंचाएंगे : उईके

आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने कहा कि पारधी और आदिवासी समाज के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस समाज के नागरिकों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार विशेष प्रयास कर रही है।

mohan bhagwat paradhi community mainstream khamgaon
Buldhana News: बुलढाणा में नवविवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, पति को बंधक बनाकर वारदात

ब्रिटिश काल में पारधियों पर लगा ठप्पा

उन्होंने कहा कि वे निस्वार्थ भाव से अपना ज्ञान प्रदान करने के लिए बाहर जाते थे, लेकिन समय के साथ वे हाशिए पर चले गए। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के कारण पूरे पारधी समुदाय को 'अपराधी जनजाति' घोषित कर दिया गया, जिससे वे विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गए। भागवत ने कहा कि भारतीय समाज कभी पूरी तरह संगठित था, लेकिन विदेशी आक्रमणकारियों की गुलामी के कारण उसमें बिखराव आ गया। इसके परिणामस्वरूप समाज में वंचित समूहों की संख्या बढ़ गई। इसके बावजूद इन समुदायों ने कभी अधीनता स्वीकार नहीं की और वे लगातार स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने कहा कि संघ कई वर्षों से पारधी समुदाय के विकास के लिए काम कर रहा है।

यह आश्रमशाला खामगांव की शान : फुंडकर

मंत्री आकाश फुंडकर ने कहा कि पारची-आदिवासी समाज के वंचित बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए खामगांव की आश्रमशाला में किया जा रहा कार्य अत्यंत उल्लेखनीय है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल, कौशल विकास और आधुनिक सुविधाएं मिलना आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण से आश्रमशाला में निर्मित अत्याधुनिक सुविधाएं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निश्चित रूप से उपयोगी साबित होंगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com