

Highlights:
सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए उपलब्ध जलसंग्रह का सावधानीपूर्वक उपयोग करने के निर्देश।
नागरिकों की पेयजल जरूरतें पूरी करने के बाद खरीफ की तुअर फसल को संरक्षित सिंचाई देने की संभावना जांची जाएगी।
प्रत्येक तहसील के लिए स्वतंत्र कार्ययोजना बनाकर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
Buldhana Drought Situation: बुलढाना जिले में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए उपलब्ध जलसंग्रह का सावधानीपूर्वक उपयोग, पेयजल को प्राथमिकता, फसलों के लिए संरक्षित सिंचाई और पशुधन के लिए चारे की व्यवस्था की जाए। साथ ही, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ जल संरक्षण और विकास कार्यों को गति दी जाए।
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनभागीदारी से बांधों की गाद निकालकर किसानों को खेती के लिए उपलब्ध कराई जाए तथा नदियों और नालों का गहरीकरण व आवश्यकतानुसार चौड़ाइकरण किया जाए। जिले में पानी की कमी, उपलब्ध जलसंग्रह, कृषि के लिए पानी की जरूरत, ग्रामीण रोजगार और पशुधन के चारे की व्यवस्था की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में वे बोल रहे थे। इस दौरान विधायक संजय गायकवाड, पूर्व विधायक संजय रायमुलकर, जिलाधिकारी डॉ. प्रवीणकुमार देवरे, जि.प. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. चव्हाण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रतापराव जाधव ने निर्देश दिए कि संभावित रोजगार संकट को देखते हुए प्रत्येक तहसील के लिए स्वतंत्र कार्ययोजना तैयार की जाए। रोजगार गारंटी योजना के तहत खेतों तक जाने वाले रास्तों, नदी गहराइकरण, खाई खोदने और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार और गट विकास अधिकारी समन्वय से काम करें, ताकि ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में स्थायी उपयोग के विकास कार्य भी पूरे हो सकें।
जनभागीदारी से बांधों की गाद निकालकर किसानों को खेतों की उर्वरता बढ़ाने के लिए उपलब्ध कराने की योजना बनाई जाए। जलगांव जामोद और संग्रामपुर तहसीलों में सतपुड़ा से आने वाली नदियों में जमा पत्थरों और गाद से पानी के प्रवाह में आने वाली बाधाएं दूर करने तथा नदी-नालों का गहरीकरण करने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा, सिंचाई की सुविधा वाले किसानों को चारा फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने और उत्पादित चारे को प्रशासन के माध्यम से समर्थन मूल्य पर खरीदकर पशुपालकों को उपलब्ध कराने की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। प्रतापराव जाधव ने सभी विभागों से समन्वय के साथ समय रहते उपाय करने को कहा, ताकि सूखे का असर किसानों, नागरिकों और पशुधन पर कम हो।
बांधों और जल परियोजनाओं में उपलब्ध पानी तथा मृत जलसंग्रह को ध्यान में रखते हुए पेयजल का उचित आरक्षण किया जाए। नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के बाद शेष जल से खरीफ की तुअर फसल को संरक्षित सिंचाई देना संभव है या नहीं, इसकी जांच करने के निर्देश भी दिए गए। गांवों में पानी की कमी दूर करने के लिए सार्वजनिक कुओं की सफाई, ऊंचाई वाले स्थानों पर पानी की टंकियों की व्यवस्था और जलजीवन मिशन के तहत खोदे गए कुओं को तत्काल बिजली कनेक्शन देने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।