भंडारा जिले में 131 में से 83 तकनीकी पद रिक्त 1 अधिकारी पर 33 अस्पतालों का भार, फिर भी सेवाएं जारी
विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर भंडारा जिले में पशुपालन विभाग की चुनौतियाँ और उपलब्धियाँ। 131 में से 83 तकनीकी पद रिक्त, फिर भी सेवाएं जारी। जानें कैसे 48 तकनीकी कर्मचारी 870 गांवों का भार संभाल रहे हैं।
Bhandara District: भंडारा जिला खेती के साथसाथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में राज्य में हमेशा अग्रणी रहा है. जिले में लगभग 3.19 लाख से अधिक पशुधन है, जिनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाला पशुपालन विभाग वर्तमान में रिक्त पदों के कारण कुछ कमजोर दिखाई दे रहा है.
आज 24 अप्रैल, विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर यह समस्या प्रमुखता से सामने आ रही है, लेकिन उपलब्ध 48 तकनीकी कर्मचारी और अधिकारी 870 गांवों का भार बखूबी संभाल रहे हैं. 2019 की 20वीं पशुगणना के अनुसार, जिले में गाय और भैंस वर्गीय प्राणियों की संख्या 3,19,897 है.
कुल पशु चिकित्सालय 84
तुमसर तहसील 70,118 पशुओं के साथ जिले में प्रथम स्थान पर है, जबकि कुक्कुटपालन में लाखांदूर तहसील 68,708 पक्षियों के साथ आगे है. जिले में कुल बकरियों की संख्या 1,99,133 और भेड़ों की संख्या 3169 है. इसके अलावा 3,14,209 कुक्कुट पक्षी और अन्य पशु भी शामिल हैं.
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भंडारा जिला पशुपालन विभाग में तकनीकी पदों की भारी कमी है. इसका अर्थ है कि विभाग केवल 36 प्रश. जनशक्ति पर चल रहा है. रिक्तियों के कारण एक पशुचिकित्सक को वर्तमान में 2 से 3 अस्पतालों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
कुल गांवों की संख्या 870
योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयनजनशक्ति की कमी के बावजूद, विदर्भ और मराठवाड़ा डेयरी विकास परियोजना चरण2 जिले में प्रभावी ढंग से लागू की जा रही है. बकरीभेड़ वितरण, कुक्कुटपालन प्रशिक्षण और पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास जारी हैं.
10 अक्टूबर 2024 के पुनर्गठन के बाद, सभी 84 अस्पतालों के प्रमुख अब स्नातक पशुचिकित्सक हैं, जिससे पशुपालकों को बेहतर तकनीकी सेवा मिल रही है. 18 अस्पताल अभी भी किराए के कमरे में जिले के 84 पशु चिकित्सालयों में से 66 अपनी इमारतों में चल रहे हैं, जबकि 18 अभी भी किराए की जगह पर हैं.
भरे हुए तकनीकी पद 48
वर्तमान में 2 नए अस्पतालों का निर्माण प्रगति पर है. शेष किराए के अस्पतालों के लिए अपनी जमीन उपलब्ध होने की प्रतीक्षा है. पर्याप्त जगह न होने से पशुपालकों और कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है.
सर्वोत्तम तकनीकी सेवा देने का कर रहे प्रयास रिक्त पदों के कारण वर्तमान में एक पशुचिकित्सक के पास दो से तीन अस्पतालों का अतिरिक्त कार्यभार है. इसके बावजूद, उपलब्ध जनशक्ति के माध्यम से हम किसानों और पशुपालकों को सर्वोत्तम तकनीकी सेवा देने का प्रयास कर रहे हैं.
अस्पतालों की इमारतों के लिए जमीन उपलब्ध होते ही नए निर्माण प्रस्तावित किए जाएंगे. डॉ. विलास गाडगे, जिला उपायुक्त, पशुपालन एवं दुग्ध व्यवसाय, भंडारामार्च 2026 के अंत तक का प्रदर्शनजानवरों का कुल उपचार 1,26,845जानवरों का रिकॉर्ड टीकाकरण 12,00,173 नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान 57,676पशुओं का गर्भावस्था व बांझपन जांच 73,934.
