Bhandara News: विश्व आदिवासी दिवस पर भंडारा में दिखी आदिवासी संस्कृति की समृद्ध झलक, लोकगीतों से गूंजे शहर

Tribal Day Celebration: विश्व आदिवासी दिवस पर भंडारा जिले में आदिवासी समाज ने लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वेशभूषा और रैलियों के जरिए अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रदर्शन किया।
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विश्व आदिवासी दिवस(सोर्सः सोशल मीडिया)
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World Tribal Day Bhandara: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिले में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला। समाज के महिला-पुरुषों ने पारंपरिक आदिवासी लोकनृत्य, लोकगीत, आकर्षक वेशभूषा और पारंपरिक श्रृंगार के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की। जिला मुख्यालय के साथ ही आदिवासी बहुल तहसील मुख्यालयों और गांवों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से यह दिन उत्साहपूर्वक मनाया गया। सुबह से ही जिलेभर में उत्साह का माहौल रहा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे नागरिकों और कलाकारों ने लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रस्तुत कर आदिवासी संस्कृति की विशिष्ट पहचान को सामने रखा। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल हुए।

रैलियों में गूंजे लोकगीत और नारे

विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों और युवक-युवतियों तक सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पारंपरिक गीत, लोकनृत्य और आकर्षक वेशभूषा विशेष आकर्षण का केंद्र रहे रिमझिम बारिश के बावजूद नर्तकों औ उपस्थित लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ भंडारा, लाखनी, तुमसर और साकोली शहरों में भव्य रैलियों का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल नागरिकों ने लोकगीतों और नारों के साथ अपनी संस्कृति एवं एकता का संदेश दिया।

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दृश्य बेहद आकर्षक नजर आया

रैली के बाद विभिन्न स्थानों पर सभाओं का आयोजन कर उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया गया। इसके साथ ही भोजनदान का भी आयोजन किया गया। आदिवासी समाज ने विश्व आदिवासी दिवस को किसी बड़े त्योहार और उत्सव की तरह उत्साह के साथ मनाया। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आदिवासी समाज ने अपनी सांस्कृतिक अस्मिता, परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रभावी प्रदर्शन किया। जिले के आदिवासी समाज के सभी वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर इस दिन को यादगार बनाया।

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