वैनगंगा नदी का किनारा टूटने से गांव में बाढ़ का खतरा, दोषियों पर कार्रवाई के लिए अनशन जारी

Mundhri Village Issue: तुमसर तहसील के मुंढरी गांव में वैनगंगा नदी का किनारा तोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनशन जारी है।
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Wainganga river (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Wainganga River Flood Risk: मोहाडी तहसील के मुंढरी बु में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ठेकेदार ने रेत ट्रांसपोर्टेशन के लिए जेसीबी की मदद से वैनगंगा नदी का प्राकृतिक किनारा तोड़ दिया है, इस गैरकानूनी काम से गांव में भविष्य में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, इससे संतप्त पूर्व जिला परिषद सदस्य के. बी.चौरागड़े ने प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ 7 दिनों से आमरण जारी किया गया हैं। इस बीच उनके स्वास्थ पर बुरा असर पड़ रहा है फिर भी प्रशासन मौन धारण कर बैठा है।

मुंढरी बु गांव वैनगंगा नदी के किनारे पर बसा है, यहां नदी का प्राकृतिक किनारा काफी ऊंचा है, इस कारण गांव का पूर्वी हिस्सा बाढ़ से सुरक्षित रहता था। लेकिन मुंढरी खुर्द एवं सुकली के घाटों से रेत की गैरकानूनी ढुलाई को आसान बनाने के लिए, ठेकेदार ने चकोले के खेत के पास इस कुदरती किनारे को तोड़कर सड़क बना दी है। इस प्रोसेस में नदी किनारे के कई सरकारी पेड़ उखाड़कर फेंक दिए गए हैं। गांव वालों ने करीब 10 से 12 वर्ष पहले गांव में बड़ी बाढ़ देखी थी, तब भी चौरागड़े ने गांव को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की गई थी।

मौजूदा कुदरती सुरक्षा को तोड़ दिया

लेकिन अब ठेकेदार ने अपने लाभ के लिए मौजूदा कुदरती सुरक्षा को तोड़ दिया है। इससे मानसून के मौसम में बाढ़ का पानी सीधे गांव में घुसने की संभावना है। जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है, इस हरकत से गांववालों में बहुत गुस्सा है। पूर्व विधायक ने दौरा कर प्रशासन को दी चेतावनी पूर्व विधायक चरण वाघमारे ने भूख हड़ताल मंडप को भेट देकर के.बी. चौरागड़े की सेहत के बारे में पूछा। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया एवं तहसीलदार से फोन पर संपर्क किया।

वाघमारे ने प्रशासन को चेतावनी दी

वाघमारे ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि, ठेकेदार का यह काम पूरी तरह से गैरकानूनी है। प्रशासन को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। भूख हड़ताल करने वालों की मांगों पर तुरंत निर्णय लेकर इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए, नहीं तो आंदोलन और तेज होगा। अब पूरे तहसील की नज़र इस बात पर है कि, राजस्व विभाग एवं जिला प्रशासन इस मामले में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा एवं नदी के किनारे को ठीक करने के लिए क्या कदम उठाएगा।

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