

Vidarbha State Demand: विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के कार्यकर्ताओं ने 1 मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस के अवसर पर भंडारा के त्रिमूर्ति चौक स्थित डॉ। बाबासाहब आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकत्रित होकर महाराष्ट्र दिवस का कड़ा विरोध किया।
इस दौरान आंदोलनकारियों ने विदर्भ जिंदाबाद, विदर्भ विरोधी चले जाओ और ना दान चाहिए ना अनुदान चाहिए हमें तो सिर्फ विदर्भ राज्य चाहिए जैसे गगनभेदी नारे लगाकर अपनी मांगों को बुलंद किया। समिति के पदाधिकारियों ने वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि विदर्भ क्षेत्र से आने वाले सत्ताधारी दल के सांसद सत्ता में होने के बावजूद स्वतंत्र विदर्भ राज्य दिलाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर विपक्ष के सांसद भी केंद्र सरकार पर अलग राज्य के निर्माण के लिए दबाव बनाने में नाकाम साबित हुए हैं। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी समय में महाराष्ट्र से अलग कर स्वतंत्र विदर्भ राज्य का गठन नहीं किया गया, तो पूरे क्षेत्र में और भी तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन और निषेध आंदोलन में मुख्य रूप से विभागीय अध्यक्ष संजय केवट, जिलाध्यक्ष विजय नवखरे, नितेश सार्वे, ज्ञानेंद्र आगाशे, भाऊराव बनसोड, धनराज चिंधालोरे, एड।पी। एस। टेंभुर्णीकर, दुर्वास धार्मिक, गणेश निमजे, सुधीर महाकालकर और जीतू शामकुवर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। विदर्भ के स्वाभिमान और अलग पहचान के लिए किए गए इस आंदोलन ने एक बार फिर पृथक विदर्भ की मांग को गरमा दिया है।