भंडारा के तुमसर में वोटर लिस्ट से मचा हड़कंप, हजारों मतदाता वंचित होने की आशंका
Bhandara News: भंडारा जिले की तुमसर नगर परिषद के नागरिकों और इच्छुक उम्मीदवारों द्वारा शिकायत की गई है कि इस सूची में बड़ी संख्या में तकनीकी और गंभीर त्रुटियां हैं।
- Written By: आकाश मसने
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद तुमसर के नेता (फोटो नवभारत)
Error In Voter List Of Tumsar Municipal Council: भंडारा जिले की तुमसर नगर परिषद चुनाव प्रक्रिया में मतदाता सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर परिषद चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के तहत वार्डवार प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई, लेकिन इसमें तकनीकी और गंभीर त्रुटियों के चलते नागरिकों और संभावित उम्मीदवारों में नाराजगी का माहौल है। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में उनके नाम गलत वार्डों में दर्ज कर दिए गए हैं।
सर्वदलीय पत्र परिषद में स्थानीय नेताओं ने कहा कि मसौदा सूची जारी होने के बाद जब नागरिकों ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम जांचे, तो पाया गया कि उनके नाम वास्तविक वार्ड की बजाय दूसरे वार्ड में शामिल कर दिए गए हैं। कुछ नागरिकों ने बताया कि उनके नाम तो वार्ड की सीमाओं से बाहर की सूचियों में दर्ज हैं। इससे मतदाताओं में भ्रम और असंतोष दोनों बढ़ गया है।
दूसरे वार्डों में आया मतदाताओं का नाम
बताया गया कि वार्ड नंबर 5 के करीब 500 से 600 मतदाताओं के नाम वार्ड नंबर 2, 3, 6 और 7 में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। इसके चलते मतदान के दिन मतदाता एक बूथ से दूसरे बूथ तक भटक सकते हैं। नेताओं का कहना है कि इस गड़बड़ी के चलते 5 से 7 हजार मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
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आपत्ति दर्ज कराने का मौका
सर्वदलीय प्रतिनिधियों ने मांग की है कि नगर परिषद चुनाव प्राधिकृत अधिकारी (मतदाता सूची) सभी वार्डों की सूचियों का पुनः सत्यापन करें और आवेदन व आपत्तियां दाखिल करने की तिथि कम से कम 15 दिन बढ़ाई जाए। अन्यथा वे कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर तय की गई है, जो उनके अनुसार बेहद कम समय है।
पत्र परिषद में पूर्व सांसद शिशुपाल पटले, पूर्व विधायक अनिल बावनकर, मधुकर कुकडे, अमरनाथ रगड़े, योगेश सिंगनजुड़े (एनसीपी), नितिन सेलोकर (शिवसेना) सहित विभिन्न दलों के नेता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि मतदाता सूची की त्रुटियां तत्काल सुधारी जाएं ताकि नागरिक निष्पक्ष रूप से मतदान कर सकें।
