गोबरवाही में बाघ का आतंक, आदमखोर बाघ को पकड़ने ग्रामीणों का वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
Bhandara Forest Department: भंडारा के तुमसर तहसील स्थित गोबरवाही गांव में आदमखोर बाघ की दहशत जारी है। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर बाघ को तुरंत पकड़ने की मांग की।
गोबरवाही बाघ हमला- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gobarahwahi Tiger Attack: भंडारा जिले के तुमसर तहसील के गोबरवाही गांव में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। 7 जुलाई को चरवाहे बेनीराम राऊत पर हमला कर उसकी जान लेने वाले बाघ की दहशत अब भी कायम है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ रोजाना गांव और खेतों के आसपास दिखाई दे रहा है, जिससे किसानों, मजदूरों और विद्यार्थियों में भय का माहौल व्याप्त है।ग्रामीणों के अनुसार 20 जुलाई की शाम एक किसान पर भी बाघ ने हमला करने का प्रयास किया, लेकिन बीच में भैंस आ जाने से किसान की जान बच गई।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इसी के विरोध में 20 जुलाई को बड़ी संख्या में महिलापुरुष ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने एकत्र हुए और आदमखोर बाघ को तत्काल पकड़ने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर नाकाडोंगरी वन परिक्षेत्र के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के एक कर्मचारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
रेस्क्यू टीम ने शुरू किया बाघ पकड़ अभियान
इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया तथा उन्होंने वन अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों के बढ़ते विरोध को देखते हुए वन विभाग ने बाघ को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है। रैपिड रिस्पॉन्स टीम आरआरटी और रेस्क्यू दल गोबरवाही पहुंच चुका है तथा पिंजरा लगाकर बाघ को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
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विद्यार्थियों पर भी मंडरा रहा खतरा
गोबरवाही आसपास के गांवों का प्रमुख केंद्र है। हेटी, कारली, सीतासावंगी और सोदेपुर सहित कई गांवों के विद्यार्थी पढ़ाई के लिए प्रतिदिन गोबरवाही और तुमसर आतेजाते हैं। अधिकांश विद्यार्थियों को पैदल सफर करना पड़ता है, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भी डर का माहौल बना हुआ है।
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क्या किसी की जान लेने का है इंतजार
गोबरवाही की सरपंच रूपवंती साखरे ने कहा कि क्या वन विभाग किसी और की जान जाने का इंतजार कर रहा है लोगों की सुरक्षा को देखते हुए आदमखोर बाघ को तुरंत पकड़ना चाहिए। तुमसर के वन परिक्षेत्र अधिकारी छगनलाल रहांगडाले ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए शासन से आवश्यक अनुमति मांगी गई है। रेस्क्यू टीम गांव में पहुंच चुकी है और पिंजरे के माध्यम से बाघ को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
