भूमि समतलीकरण के लिए वृक्ष कटाई पर कार्रवाई, भंडारा वन विभाग ने दर्ज किया अपराध
Tree Cutting: भंडारा जिले के साकोली तहसील अंतर्गत गिरोला गांव में कृषि भूमि के समतलीकरण के लिए सागौन सहित करीब 75 पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है।
Tree Cutting (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Bhandara Forest Department: गिरोला स्थित कृषि गट क्रमांक 160 में सागौन एवं अन्य वृक्षों की कटाई के मामले में संबंधित किसानों ने साकोली में पत्रवार्ता परिषद आयोजित कर अपना पक्ष रखा। किसानों ने बताया कि भूमि समतलीकरण और खेती की तैयारी के उद्देश्य से पेड़ों की कटाई की गई, हालांकि इसके लिए पहले अनुमति का आवेदन दिया गया था। यादव लहुजी पर्वते, ईश्वरदास लहुजी पर्वते, रुपेंद्र पर्वते, चेतन पर्वते, नाशिक पर्वते और प्रमिला लांजेवार ने बताया कि उनकी निजी कृषि भूमि में समतलीकरण कार्य के लिए वृक्ष कटाई की अनुमति हेतु आवेदन किया गया था।
सभी सहमालिकों की सहमति से आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन बाद में पारिवारिक विवाद के चलते दो सहस्वामियों द्वारा वन विभाग को आपत्ति दर्ज कराने के कारण अनुमति रद्द कर दी गई। किसानों का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले खेत तैयार करना आवश्यक था, इसलिए सभी सातबारा धारकों की आपसी सहमति से पेड़ों की कटाई कर दी गई।
किसानों ने स्वीकार की जिम्मेदारी
कटाई की जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लकड़ी जब्त कर पंचनामा तैयार किया और उसे विभागीय अभिरक्षा में जमा कर लिया। किसानों ने स्वीकार किया कि बिना अंतिम अनुमति के पेड़ों की कटाई की जिम्मेदारी उनकी है और वन विभाग द्वारा की जा रही जांच में वे पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नियमानुसार आवेदन कर जब्त लकड़ी वापस लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
दिल्ली पहुंचे NCP विधायक रोहित पवार, जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन को दिया समर्थन, सरकार पर साधा निशाना
2047 तक देश के अग्रणी शहरों में शामिल होगा संभाजीनगर! सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट तय करेगी विकास का नया रोडमैप
महाराष्ट्रा सरकार का बड़ा फैसला, किसानों का 48 हजार करोड़ का बिजली बिल माफ, 56 लाख किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
संभाजीनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के दूसरे चरण की तैयारी पूरी, 1,676 हितग्राहियों ने जमा की अनामत राशि
अपराध दर्ज कर जांच शुरू
क्षेत्र सहायक राजू मेश्राम ने कहा कि भूमि समतलीकरण के लिए अनुमति का आवेदन दिया गया था, लेकिन पारिवारिक विवाद के बीच किसानों ने अनुमति मिलने से पहले ही करीब 75 अन्य प्रजाति के पेड़ों की कटाई कर दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कटे हुए सभी वृक्षों का माल जब्त कर शासकीय रोपवाटिका में जमा किया गया है। इस मामले में महाराष्ट्र वन अधिनियम, 1964 की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
