पांच दिन में दूसरी बार महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, साकोली की जनता परेशान, सरकार से लगाई गुहार
Sakoli Petrol Price News: साकोली में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आम नागरिकों की चिंता बढ़ गई। ईंधन महंगा होने से परिवहन, खेती और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है।
Diesel Price Hike ()सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Sakoli Transportation Cost Increase News: पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाला है। साकोली तहसील में पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब तेल भरवाते समय मीटर के साथ खर्च भी तेजी से बढ़ता नजर आया। बीती 15 मई को पेट्रोल में 3.12 रुपए और डीजल में करीब 4 रुपए की भारी वृद्धि के बाद महज पांच दिनों के भीतर दूसरी बार लगभग 90 पैसे की बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और नाराजगी दोनों को दोगुना कर दिया है।
15 मई तक साकोली में पेट्रोल का दाम 105.03 रुपए प्रति लीटर था, जो पहली बढ़ोतरी के बाद 108.17 रुपए हो गया था। वहीं डीजल 113 रुपए से बढ़कर 116.25 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया था। अब हुई ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत लगभग 109.08 रुपए प्रति लीटर तक जा पहुंची है, जबकि डीजल के दामों में भी इसी अनुपात में इजाफा दर्ज किया गया है।
कीमतों पर तत्काल नियंत्रण लाएं
नागरिकों का साफ कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस तरह की लगातार वृद्धि आम आदमी की कमर तोड़ने वाली है, क्योंकि ईंधन महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ता है और इससे बाजार में महंगाई और अधिक पैर पसारेगी। तहसील के प्रबुद्ध नागरिकों और उपभोक्ताओं ने सरकार से मांग की है कि ईंधन की कीमतों पर तत्काल नियंत्रण कर आम जनता को बढ़ती महंगाई से राहत प्रदान की जाए।
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बजट संभालना बेहद कठिन
स्थानीय नागरिक जितेंद्र मेश्राम ने कहा कि हर महीने बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाना आम आदमी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है, अब घर का बजट संभालना बेहद कठिन हो गया है।
सरकार गंभीरता से विचार करें
थोक सब्जी विक्रेता शंकर लांजेवार ने कहा पेट्रोल रोजमर्रा की जरूरत है और इसके दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है, सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कि सेंदुरवाफा निवासी नेपाल कापगते ने कहा कि रोज काम पर आनेजाने में पेट्रोल की जरूरत रोज काम पर आनेजाने में पेट्रोल की जरूरत पड़ती है, ऐसे में कीमत बढ़ने से सीधा असर उनकी जेब पर पड़ रहा है।
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रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर असर
बिरसी निवासी जयेश राऊत ने कहा कि डीजल महंगा होने से खेती किसानी के काम और परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे तौर पर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। स्थानीय नागरिक अनिल चुघ ने कहा कि सरकार पर थोपना उचित नहीं वैश्विक परिस्थितियों और समय के साथ महंगाई बढ़ना स्वाभाविक है, पेट्रोल आयातित होने के कारण कीमतों में वृद्धि को पूरी तरह सरकार पर थोपना उचित नहीं है।
अतिरिक्त बोझ डाल रहे
स्थानीय नागरिक हेमंत भारद्वाज ने कहा कि जनता पर महंगाई पर नियंत्रण करने के बजाय पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है, जो सरासर गलत है। महिला उपभोक्ता स्मिता सिडाम ने कहा कि गृहणी और पूरा परिवार परेशान पहले से ही रसोई गैस और खाद्य पदार्थ महंगे हैं, अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस नई बढ़ोतरी से आम गृहणी और पूरा परिवार परेशान हो चुका है।
