

Sakoli Flyover Street Lights: भंडारा जिले के साकोली शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बनाए गए फ्लाईओवर की प्रकाश व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। पुल के ऊपर और नीचे लगी स्ट्रीट लाइटें रात के समय बंद रहती हैं, जबकि दिन के उजाले में कई बार जलती हुई दिखाई देती हैं। इससे रात में पुल के आसपास अंधेरा छा जाता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
मंगलवार रात करीब 8.37 बजे लिए गए फोटो में फ्लाईओवर के नीचे का परिसर काफी अंधेरे में दिखाई दिया। सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के बीच पर्याप्त प्रकाश नहीं होने से वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि जिस समय प्रकाश व्यवस्था की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उसी समय लाइटें बंद रहती हैं।
फ्लाईओवर के नीचे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक आवागमन करते हैं। शाम के बाद बाजार और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में पुल के नीचे अंधेरा रहने से सड़क पार करने वाले नागरिकों को विशेष परेशानी होती है। बुजुर्ग महिला-पुरुषों के लिए स्थिति और भी जोखिमपूर्ण हो जाती है। तेज गति से आने वाले वाहनों के बीच अंधेरे में सड़क पार करना मुश्किल होता है। सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी के कारण पैदल राहगीरों को वाहन की दूरी और सड़क की स्थिति का सही अनुमान लगाने में भी परेशानी होती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रकाश व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए कहा कि फ्लाईओवर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था देखकर 'अजब प्रेम की गजब कहानी' फिल्म की याद आती है। जिस समय रोशनी की जरूरत होती है, उस समय लाइटें बंद और दिन के उजाले में शुरू रहती हैं। लाइटों का संचालन टाइमर, सेंसर अथवा विद्युत व्यवस्था से जुड़ा हो सकता है। यदि निर्धारित समय पर लाइटें चालू नहीं हो रही हैं तो संबंधित विभाग को तत्काल तकनीकी जांच करनी चाहिए। दिन में अनावश्यक रूप से लाइटें जलने से बिजली की बर्बादी हो रही है, जबकि रात में अंधेरा रहने से नागरिकों की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो रहा है।
साकोली में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। फ्लाईओवर के आसपास दोपहिया, चारपहिया, मालवाहक वाहनों के साथ पैदल नागरिकों की भी आवाजाही रहती है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर पर्याप्त रोशनी का अभाव गंभीर मामला है। प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय अभी से प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता निखिल तनवानी, किशोर बावने, सुरेश संग्रामे, किशोर कापगते, दिनेश कापगते, गणेश लंजे और विलास कापगते सहित नागरिकों ने नगर परिषद और संबंधित विभाग से उड़ान पुल के ऊपर एवं नीचे लगी सभी स्ट्रीट लाइटों की तकनीकी जांच कराने, खराब बल्ब, वायरिंग, टाइमर और स्विचिंग सिस्टम की तत्काल मरम्मत, रात में निर्धारित समय पर सभी लाइटें चालू रखने तथा दिन में अनावश्यक रूप से जलने वाली लाइटों को बंद करने, पुल के नीचे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सड़क पार करने वाले स्थानों पर विशेष रोशनी लगाने की मांग भी की गई है। प्रकाश व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि रात में ही इसका लाभ नहीं मिल रहा है तो पूरी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रशासन तत्काल कार्रवाई कर उड़ान पुल को रात में सुरक्षित और प्रकाशमान बनाए।