स्कूल हैं, छात्र हैं, लेकिन शिक्षक नहीं! साकोली के 7 प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट
Teacher Vacancy In Primary Schools: भंडारा जिले के साकोली तहसील में 7 जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय बिना नियमित शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं।
Sakoli education system (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara Education News: साकोली तहसील में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति सामने आई है। यहां सात जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां स्कूल भवन और विद्यार्थी तो मौजूद हैं, लेकिन नियमित शिक्षकों की नियुक्ति ही नहीं की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार कटगधरा, सीरेगांव टोला, निलज, पापड़ा, सराटी, पुजारीटोला और किटाली गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में स्थायी शिक्षक नहीं हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 1 से 4 तक के विद्यार्थियों का नामांकन होने के बावजूद नियमित शिक्षण कार्य नहीं हो पा रहा है।
पढ़ाई हो रही प्रभावित बताया जा रहा है कि दूसरे स्कूलों के शिक्षक 8 से 15 दिनों के अंतराल पर इन विद्यालयों में पहुंचते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि आने वाले शिक्षक भी कई बार शिक्षण के बजाय शासन के अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जिससे बच्चों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है।
साकोली तहसील के 7 स्कूल बिना शिक्षकों के संचालित
इससे पहले भी तहसील में 41 एकल शिक्षक विद्यालय और 21 दोशिक्षक विद्यालय होने की जानकारी सामने आई थी। अब सात स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं होने की स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि जब स्कूल भवन और विद्यार्थी मौजूद हैं तो सरकार को तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
पेड़ भी बचेंगे प्रोजेक्ट भी बनेगा, MMRDA ने 13.9 Km लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए बदला डिजाइन
परभणी मंदिर हादसा: मलबे से निकलीं अपनों की लाशें, 5 मृतकों की हुई पहचान; मातम में बदली खुशियां
गणपतिपुले में समुद्र की लहरों में बहने वाले पांच श्रद्धालुओं का अब तक नहीं लगा सुराग, खोज अभियान जारी
नवभारत कार्यालय पहुंचे संभाजीनगर के महापौर समीर राजूरकर; शहर के विकास और मूलभूत सुविधाओं पर की चर्चा
अभिभावकों में चिंता
उन्होंने मांग की है कि 30 जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले इन सभी विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। ग्रामीणों का कहना है कि तहसील में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
