भंडारा जिले में छात्रवृत्ति योजनाओं में लापरवाही, 446 आवेदन अब भी लंबित

Bhandara News: भंडारा जिले में SC और नवबौद्ध छात्रों की 446 छात्रवृत्ति आवेदन फाइलें संस्थानों में लंबित हैं, जिससे कई छात्र सरकारी योजना का लाभ लेने से वंचित हो गए हैं।
Negligence in scholarship schemes in Bhandara district 446 applications still pending
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Negligence In Scholarship Schemes In Bhandara: भंडारा जिले में अनुसूचित जाति और नवबौद्ध वर्ग के विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर शैक्षणिक संस्थानों की लापरवाही सामने आई है। वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए कुल 446 छात्रवृत्ति आवेदन संस्थान स्तर पर अब भी लंबित हैं, जिससे सैकड़ों विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

भारत सरकार की मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना और राज्य शासन की शिक्षण शुल्क एवं परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत हर वर्ष हजारों विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलती है। लेकिन इस वर्ष 2024-25 के 388 और 2023-24 के 58 आवेदन संबंधित कॉलेजों द्वारा महाडीबीटी पोर्टल पर मंजूर नहीं किए गए हैं, जिससे समाज कल्याण विभाग आगे की प्रक्रिया नहीं कर पा रहा है।

पात्र विद्यार्थी हो सकते हैं वंचित

इस लापरवाही के चलते पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से वंचित होने का खतरा मंडरा रहा है। बार-बार अंतिम तिथि बढ़ाने के बावजूद कुछ संस्थान समय पर प्रस्ताव मंजूर नहीं कर रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि समय पर प्रस्ताव मंजूर नहीं हुए, तो विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज प्राचार्य की होगी। समाज कल्याण विभाग ने चेतावनी दी है कि लापरवाह संस्थानों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले कॉलेजों को अब जवाब देना होगा।

फिर बढ़ाई गई अंतिम तिथि

छात्रवृत्ति प्रस्तावों की अंतिम तिथि पहले 31 अगस्त 2025 निर्धारित की गई थी, लेकिन अब लंबित प्रस्तावों की संख्या को देखते हुए इसे 30 सितंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। विभाग ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिया है कि तुरंत सभी लंबित आवेदन पोर्टल पर मंजूर कर अपलोड करें।

यह योजना 60% केंद्र व 40% राज्य सरकार की भागीदारी में संचालित होती है और मंजूर राशि सीधे विद्यार्थियों और कॉलेजों के खातों में दो किस्तों में जमा की जाती है। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा शुल्क नहीं भरना पड़ता।

शिक्षण संस्थानों को चेतावनी

समाज कल्याण विभाग ने दोहराया है कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन कॉलेजों ने अब तक आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें चेतावनी दी गई है कि वे तुरंत सुधार करें अन्यथा प्रशासन सख्त कार्रवाई के लिए बाध्य होगा।

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