

Nagpur Vehicle Theft Gang Busted In Bhandara: नागपुर क्राइम ब्रांच की यूनिट-1 ने लाखनी और उसके आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय एक शातिर वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चोरी की कुल 14 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं, जिनमें 3 महंगी रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से नागपुर शहर और नागपुर जिले के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज वाहन चोरी के कई महत्वपूर्ण मामलों का एक साथ खुलासा हो गया है।
नागपुर पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि नागपुर शहर से चोरी की गई दोपहिया वाहनों को भंडारा जिले के लाखनी क्षेत्र में लाकर कम दामों में बेचा जा रहा है। इस इनपुट पर तकनीकी जांच करने के बाद पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी पीयूष रविंद्र जगनाडे (23) मूल रूप से लाखनी का ही निवासी है और वर्तमान में गिरफ्तारी से बचने के लिए वहीं छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही नागपुर अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक विशेष टीम गठित कर उसे तुरंत भंडारा के लिए रवाना किया।
लाखनी पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर गुप्त निगरानी रखी और सघन तलाशी अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मुख्य आरोपी पीयूष जगनाडे बिना नंबर प्लेट वाली एक मोटरसाइकिल पर संदिग्ध रूप से घूमते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया। नागपुर पुलिस हिरासत में लेकर की गई कड़ाई से पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध पूरी तरह स्वीकार कर लिया और इस चोरी में शामिल अपने दो अन्य साथियों के नाम भी उगल दिए।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंशुल सरजारे (23) और दीप रामटेके (20) को भी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों के पास से कुल 14 चोरी की दोपहिया गाड़ियां जब्त की हैं, जिनमें 3 रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं।
पुलिस की विस्तृत पूछताछ में यह बात सामने आई कि बरामद किए गए सभी वाहन नागपुर के अलग-अलग पॉश और ग्रामीण इलाकों से उड़ाए गए थे। इनमें मुख्य रूप से नागपुर शहर के बजाजनगर, एमआईडीसी, प्रतापनगर, हुडकेश्वर, सोनेगांव, खापरखेड़ा और बोरी थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के अपराध शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह शातिर गिरोह नागपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों से योजनाबद्ध तरीके से दोपहिया वाहन चोरी करता था और उन्हें छुपाने के लिए भंडारा जिले के लाखनी तथा अन्य ग्रामीण परिसरों में लाकर सीधे-सादे लोगों को बेहद कम कीमत पर बेच देता था।
इस सफल कार्रवाई से अंतर-जिला वाहन चोरी के एक बहुत बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है।