डॉ. प्रशांत पडोले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Lok Sabha Secretariat Order: लोकसभा सत्र के दौरान निलंबित किए गए सांसद डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले का निलंबन आखिरकार वापस ले लिया गया है। लोकसभा सचिवालय ने नियम 374 के तहत की गई इस कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि 3 फरवरी को डॉ. पडोले को सदन की कार्यवाही से निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद भी वे शांत नहीं बैठे और लगातार संसद की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने किसान समस्याओं, बेरोजगारी, ओबीसी जनगणना और स्थानीय मुद्दों पर सदन के बाहर से भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।
उनके इस निरंतर संघर्ष की गूंज राष्ट्रीय मीडिया तक पहुंची थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डॉ. पडोले के दैनिक विरोध प्रदर्शनों के कारण सरकार पर भारी दबाव बना हुआ था। इस आंदोलन के चलते सरकार की छवि पर पड़ रहे असर को देखते हुए प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और मंगलवार से उनका निलंबन रद्द करने का निर्णय लिया गया।
लोकसभा सचिवालय के निदेशक अजय कुमार सूद के हस्ताक्षर से यह आदेश निर्गमित किया गया है। अब आगामी सत्रों में डॉ. पडोले पुनः सदन के भीतर सक्रिय होकर क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से रख सकेंगे।
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सांसद डॉ. प्रशांत पडोले ने कहा यह मेरे निर्वाचन क्षेत्र भंडारा-गोंदिया की जनता के विश्वास की जीत है। जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए मैं एक बार फिर पूरी ऊर्जा और आक्रामकता के साथ लोकसभा में अपनी आवाज बुलंद करूंगा।