Bhandara News: राज्य में धान खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को हो रही विभिन्न परेशानियों और प्रशासनिक खामियों का मुद्दा विधायक डॉ. परिणय फुके ने विधान परिषद में उठाया।
उन्होंने कहा कि धान खरीद से लेकर किसानों को भुगतान मिलने तक की पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया जाना चाहिए। डॉ. परिणय फुके ने बताया कि खरीद केंद्रों का वितरण, खरीद कोटा निर्धारण, मिलिंग प्रक्रिया तथा गोदाम आवंटन जैसे चरणों में कई समस्याएं सामने आ रही हैं।
यदि इन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समन्वय बढ़ाया जाए तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में लगभग 14.99 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती होती है, जिसमें पूर्व विदर्भ के गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली तथा नागपुर जिले के कुछ हिस्सों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से इस फसल पर निर्भर है।
इस क्षेत्र में करीब 7 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। चालू खरीफ सत्र में 7 लाख 16 हजार 334 किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया है।
डॉ. परिणय फुके ने डिजिटल तराजू अनिवार्य करने, तकनीकी व्यवस्था मजबूत करने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।