लाखांदुर: मल्लखंभ और ग्रामगीता के पाठ से निखरा बच्चों का व्यक्तित्व, सोनी गांव में संपन्न हुआ सुसंस्कार शिविर

Bhandara News: लाखांदुर के सोनी गांव में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों पर आधारित छह दिवसीय सुसंस्कार शिविर संपन्न हुआ। इसमें बच्चों ने मल्लखंभ और ग्रामगीता के माध्यम से अनुशासन सीखा।
Tumsar Forest Dept will conduct a 21-hour wildlife census at 5 water bodies starting May 1. Volunteers and officials will monitor wildlife from machans during the night.
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज (सोर्स- नवभारत)
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Lakhandur Rashtrasant Tukdoji Maharaj: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के महान विचारों को आत्मसात करने और युवा पीढ़ी में संस्कार, अनुशासन एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लाखांदुर तहसील के सोनी गांव में छह दिवसीय गुरुदेव सर्वांगीण सुसंस्कार शिविर का सफल आयोजन किया गया।

श्री गुरुदेव सेवा मंडल, सोनी और श्री गुरुदेव राष्ट्रधर्म प्रचार समिति, गुरुकुंज मोझरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर को आचार्य हरिभाऊ वेरुलकर की प्रेरणा से साकार किया गया। स्थानीय जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय में आयोजित यह छह दिवसीय आवासीय शिविर 22 अप्रैल को शुरू होकर 27 अप्रैल को संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों ने शिरकत कर बच्चों का मार्गदर्शन किया।

 राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल के बच्चों में शारीरिक क्षमता के साथसाथ नैतिक मूल्यों का बीजारोपण करना था। मल्लखंभ प्रदर्शन रहा आकर्षण का केंद्र शिविर के दौरान प्रतिभागियों को शारीरिक और बौद्धिक, दोनों स्तरों पर प्रशिक्षित किया गया। इस बार विशेष रूप से पारंपरिक खेल मल्लखंभ पर ध्यान केंद्रित किया गया। समापन के अवसर पर युवाओं ने मल्लखंभ पर विभिन्न कठिन आसनों और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर उपस्थित ग्रामीणों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।

बच्चों की एकाग्रता और संतुलन को देखकर ग्रामीणों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। ग्रामगीता से जीवन मूल्यों का पाठ शिविर की दिनचर्या प्रतिदिन सुबह ध्यान और सामूहिक प्रार्थना से प्रारंभ होती थी। इसके पश्चात योगाभ्यास, व्यायाम और मैदानी खेलों का सत्र चलता था। दोपहर के समय बच्चों को राष्ट्रसंत की ग्रामगीता पर आधारित जीवन मूल्यों, प्रेरक कथाओं और समूह चर्चा के माध्यम से शिक्षित किया गया।

रात्रि के सत्र में भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए मनोरंजन के साथ प्रबोधन किया गया। शिविर प्रमुख रूपेश मोरे और उनकी टीम के अथक परिश्रम तथा सोनी के भंडारा ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से यह आयोजन सफल रहा। बच्चों में आए सकारात्मक बदलाव और अनुशासन को देखकर अभिभावकों ने संतोष व्यक्त किया है। इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और सेवाभावी वातावरण का निर्माण हुआ है।

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