Lakhandur Paddy Procurement News: सरकार के न्यूनतम समर्थन योजना के तहत खरीदी लक्ष्य के अभाव में हजारों किसानों के लाखों क्विंटल खरीफ धान की खरीदी अटकी हुई है। जिसके कारण पिछले लगभग 6 महीनों से हजारों किसान आर्थिक संकट में फंसे हुए है।
इस स्थिति में खरीफ धान के खरीदी के लक्ष्य में वृद्धि को लेकर 14 अप्रैल को धरना आंदोलन आयोजित किया गया है। हालांकि 14 अप्रैल को राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के हाथों स्थानीय लाखांदुर में मध्यवर्ती प्रशासनिक इमारत के लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जबकि इसी दिवस पर धरना आंदोलन आयोजित किए जाने से तहसील में सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
प्राप्त ज्ञापन के अनुसार पिछले खरीफ में तहसील के कुल 26,293 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ धान की बुआई की गई थी। इस बुआई के अनुसार सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अनुसार प्रती हेक्टेयर 40 क्विंटल धान खरीदी के निर्देश जारी किए थे। उक्त निर्देशों के अनुसार तहसील में कुल 10.51 लाख क्विंटल धान की खरीदी तय मानी गई थी।
किंतु वास्तव में तहसील के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों के तहत पिछले कुछ महीनों में केवल 6.42 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जबकि पिछले 6 महीने से खरीदी लक्ष्य के अभाव में कुल 4 लाख क्विंटल से अधिक खरीफ धान की खरीदी अटकी हुई है। आगामी 14 अप्रैल को राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के हाथों मध्यवर्ती प्रशासनिक इमारत के लोकार्पण का समारोह आयोजित किया गया है।
जिप के पूर्व समाज कल्याण सभापति चंद्रशेखर टेंभुर्णे, कृषि उपज बाजार समिति के सभापति सुरेश ब्राह्मणकर, शिवसेना उबाठा के तहसील प्रमुख विनोद ढोरे, राकांपा शरद प्रवार के पूर्व तहसील अध्यक्ष नरेश दिवटे, काशीनाथ हत्तीमारे, जंगलू कावले, संदीप कोरे, गणेश राउत, शेषराव डोये, गजानन नाकतोडे सहित अन्य किसान एवं विभिन्न पदाधिकारी नागरिकों ने स्थानीय तहसीलदार वैभव पवार के माध्यम से राजस्व मंत्री बावनकुले को ज्ञापन भेजकर खरीफ धान के खरीदी के लक्ष्य के वृद्धि की मांग की है।
हालांकि प्रशासनिक इमारत के लोकार्पण समारोह के दिन आयोजित इस धरना आंदोलन से तहसील के किसान एवं नागरिकों में सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ राजनीतिक माहौल गरमाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।