भंडारा में आधी अधूरी बारिश के बीच गोसीखुर्द बांध से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा, नदी किनारे अलर्ट जारी
Bhandara Kharif Season: भंडारा जिले में जुलाई में बारिश की कमी से खरीफ फसलें संकट में हैं। धान की रोपाई प्रभावित होने के बीच प्रशासन ने एहतियातन गोसीखुर्द बांध से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया है।
- Written By: केतकी मोडक
खरीफ फसल नुकसान प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Paddy Cultivation Affected In Bhandara: भंडारा जिले में लगातार बारिश नहीं होने से खरीफ खेती संकट में पड़ गई है। जुलाई के 11 दिन बीत जाने के बावजूद अच्छी बारिश नहीं होने से किसान चिंतित हैं। जिन किसानों ने बुआई और धान की रोपाई कर दी है, वे अब पौध सूखने की आशंका से परेशान हैं, जबकि कई क्षेत्रों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से रोपाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। महावेध के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक जिले में औसतन 55.1 प्रतिशत (55.1%) वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि जून में कुछ बारिश हुई, लेकिन जुलाई में वर्षा की कमी किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
किसानों के सामने बढ़ी मुश्किलें
बारिश की कमी के कारण कई किसानों की धान की नर्सरी (पौध) अभी तैयार नहीं हो सकी है, जबकि कुछ स्थानों पर अधिक समय तक नर्सरी में रहने से पौध रोपाई योग्य नहीं रह गई है। खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से धान की रोपाई का कार्य ठप पड़ा है। कई किसानों ने शुरुआती बारिश के भरोसे बुआई कर दी थी, लेकिन अब बारिश नहीं होने से फसलें सूखने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की पौध और अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
जिले में औसतन 55.1 प्रतिशत वर्षा
महावेध के अनुसार, भंडारा जिले में अब तक औसतन 55.1 प्रतिशत (55.1%) वर्षा दर्ज की गई है। तहसीलवार आंकड़ों में साकोली में सबसे अधिक 81.3 प्रतिशत (81.3%), मोहाड़ी में 71.8 प्रतिशत (71.8%) और तुमसर में 70.8 प्रतिशत (70.8%) वर्षा हुई है। वहीं भंडारा, पवनी और लाखांदुर तहसीलों में वर्षा सामान्य से काफी कम रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ फसलों को बचाने और रोपाई कार्य पूरा करने के लिए आने वाले दिनों में अच्छी और लगातार बारिश बेहद आवश्यक है।
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बांधों की वर्तमान स्थिति
| बांध / नदी का नाम | जल भराव प्रतिशत (%) | गेट की स्थिति (यदि खुले हैं) | पानी का डिस्चार्ज (क्यूमेक्स) |
| पुजारीटोला बांध | 77.71% | कोई पानी नहीं छोड़ा जा रहा | 0.00 |
| गोसीखुर्द बांध | 37.01% | 2 गेट (0.50 मीटर खुले) | 399.52 |
| संजय सरोवर बांध | 26.38% | – | – |
| बावनथड़ी बांध | 15.91% | – | – |
| धापेवाड़ा बांध | – | 2 गेट (0.50 मीटर खुले) | 116.50 |
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गोसीखुर्द बांध से बढ़ाया गया पानी का डिस्चार्ज
गोसीखुर्द राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ा दी है। पहले वैनगंगा नदी में 160 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 350 से 500 क्यूमेक्स तक करने का निर्णय लिया गया है। भंडारा जिले आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और नदी में आवाजाही करने वालों से सतर्क रहने की अपील की है।
