जेसीबी से दीवार का मलबा हटाते हुए (फोटो नवभारत)
Bhandara House wall Collapse News: भंडारा जिले की लाखनी तहसील अंतर्गत निलागोंदी गांव में गुरुवार दोपहर अचानक हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी। दोपहर करीब 12 बजे हुई इस प्राकृतिक घटना में एक घर की दीवार गिर जाने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, वहीं एक गर्भवती गाय और दो गर्भवती बकरियों ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, गौरीशंकर केवलराम वंजारी का एक खाली पड़ा मकान अचानक ढह गया। इस मकान की एक दीवार पास में ही रहने वाले अल्पभूधारक किसान टेकचंद सीताराम वंजारी के घर और आंगन पर जा गिरी। जिस समय यह हादसा हुआ, टेकचंद वंजारी की पत्नी वैशाली टेकचंद वंजारी (35) अपनी बकरियों को खेत से वापस घर ला रही थीं। अचानक गिरी दीवार के मलबे में वह खुद और उनके पालतू जानवर दब गए।
हादसे में वैशाली वंजारी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनकी एक गर्भवती गाय और दो गर्भवती बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। मलबे के नीचे दबी एक और गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। वैशाली की चीख सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने फावड़े और हाथों की मदद से मलबा हटाकर वैशाली को बाहर निकाला। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत साकोली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक गणेश पिसा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ साझा मोरगांव के पटवारी निशांत नेवारे और पशुधन विकास अधिकारी डॉ. योगेश कापगते ने भी मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और स्थिति का जायजा लिया। इस बीच, ग्राम पंचायत की ओर से सरपंच वर्षा वंजारी, उपसरपंच महेश हटवार, विमुस अध्यक्ष यशोराज हटवार और सदस्य छत्रपति हटवार ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से जेसीबी के जरिए मलबे को हटाने का काम तेजी से शुरू करवाया।
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पीड़ित टेकचंद वंजारी एक छोटे किसान हैं जो कृषि के साथ-साथ पशुपालन से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके लिए, ये मवेशी केवल जानवर नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा थे। एक ही झटके में सब कुछ खो देने से उनका पूरा परिवार सदमे में है।
गांव के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पीड़ित किसान को आपदा राहत निधि से जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वह इस मुश्किल घड़ी से उबर सकें और फिर से अपना जीवन शुरू कर सकें।