भंडारा में श्मशान भूमि स्थानांतरण की मांग पर दो दिवसीय आमरण अनशन सफल
अर्जुनी पुनर्वसन गांव के नागरिकों का आमरण अनशन सफल, अंतिम संस्कार पर अस्थायी रोक। जिलाधिकारी का हस्तक्षेप।
Bhandara News: भंडारा तहसील के अर्जुनी पुनर्वसन तथा उससे सटे सिरसघाट और सालेबर्डी पुनर्वसन गांवों के नागरिकों द्वारा श्मशान भूमि के स्थानांतरण की मांग को लेकर किया गया दो दिवसीय आमरण अनशन आखिरकार सफल रहा.
प्रशासन द्वारा प्रारंभ में अनदेखी किए जाने से आंदोलनकारियों में नाराजगी थी, लेकिन अंततः जिलाधिकारी सावन कुमार के हस्तक्षेप के बाद संबंधित स्थल पर अंतिम संस्कार प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया.
बताया जाता है कि, भंडारा शहर के समीप अर्जुनी पुनर्वसन गांव को लगभग 30 वर्ष पूर्व श्मशान भूमि के लिए जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन वहां अब तक अंतिम संस्कार नहीं किए गए.
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वहीं, पास के सिरसघाट और सालेबर्डी पुनर्वसन के ग्रामीण पिछले तीन दशकों से नदी किनारे स्थित पुराने श्मशान घाट का उपयोग कर रहे हैं.
हाल ही में इस स्थान पर शेड का निर्माण किया गया, लेकिन आसपास बस्ती का विस्तार हो जाने से अंतिम संस्कार के दौरान निकलने वाला धुआं और दुर्गंध स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है.
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिया, लेकिन समाधान नहीं होने पर दो दिन का आमरण अनशन शुरू किया गया.
आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता परमानंद मेश्राम ने मौके पर पहुंचकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और अगले दिन शिष्टमंडल के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात कर मामले को गंभीरता से रखा.
चर्चा के बाद जिलाधिकारी ने उपविभागीय अधिकारी को तत्काल प्रभाव से वहां अंतिम संस्कार पर रोक लगाने के निर्देश दिए. nइसके बाद अनशनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त कर दिया.
