Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

लगातार दूसरे वर्ष अकाल के संकट जैसी स्थिति

  • By navabharat
Updated On: Jan 14, 2022 | 11:23 PM

File Photo

Follow Us
Close
Follow Us:
  • दोषुक्त पैसेवारी से किसानों में नाराजगी बढ़ी

लाखांदूर. वर्ष 2020-21 में खरीफ के दौरान तहसील में आई बाढ़ एवं तुडतुडा सहित विभिन्न की रोगों के कारण धान फसल सहित रबी फसलों की क्षति हुई थी, इस वजह से तत्कालीन सरकार एवं प्रशासन की ओऱ से तहसील में 0.037 प्रश.पैसेवारी घोषित कर अकाल के संकट की आशंका व्यक्त की गई थी.

हालांकि इस वर्ष भी खरीफ की फसल के दौरान अपर्याप्त वर्षा  के साथ-साथ विभिन्न कीटरोगों के कारण फसल उत्पादन में कमी हुई है, जबकि बेमौसम वर्षा से रबी के तहत बुआई हुई. 100 प्रश.फसल क्षति की आशंका है, किंतु इस वर्ष सरकार एवं प्रशासन की ओर से फसल उत्पादन में कमी होने के बावजूद 0.072प्रश पैसे वारी घोषित करने से किसानों में नाराजगी व्यक्त कर लगातार दूसरे वर्ष अकाल के संकट की स्थिति होने का आरोप लगाया जा रहा है.

26069.70 हेक्टेयर में धान की बुआई- पिछली खरीफ फसल में तहसील के कुल 26069.70 हेक्टेयर क्षेत्र में धान फसल की बुआई की गई थी.हालांकि खरीफ फसल के दौरान अपर्याप्त बारिश एवं तुडतुडा सहित विभिन्न रोंगों के कारण फसलों की बड़ी मात्रा में क्षति हुई है, जिसके कारण खरीफ फसल के तहत फसल उत्पादन में कमी आई है.

इस वजह से सरकार के बुनियादी केंद्रों की ओर से इस वर्ष अन्य वर्षों की तुलना में धान खरीदी में कटौती कर प्रति हेक्टेयर 31.35  क़्विंटल धान खरीदी के निर्देश दिए गए हैं, इसके बावजूद सरकार एवं प्रशासन पर सदोष फसल सर्वेक्षण कर उत्पादन में कमी के बावजूद पैसेवारी अधिक घोषित करने की बात कही जा रही है.

सम्बंधित ख़बरें

Bhandara News: झरी तालाब के पानी को लेकर विवाद गहराया, ग्रामीणों ने दी जलसमाधि की चेतावनी

प्रमुख चौराहों पर लगेंगे CCTV, आसगांव की ग्रामसभा में 7 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित

छात्रावास में नहीं मिला प्रवेश? चिंता छोड़िए! ‘स्वाधार योजना’ उठाएगी आपके रहने-खाने का पूरा खर्च

भंडारा के मजदूरों की चमकी किस्मत, 22,621 श्रमिकों के खातों में पहुंचे ₹22.74 करोड़!

16317.40हेक्टेयर में रबी फसलें-इस वर्ष रबी के तहत तहसील के कुल 16317.40हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बुआई की गई है, किंतु बेमौसम बारिश से तहसील के कुल 14,300 हेक्टेयर क्षेत्र की विभिन्न फसलों की  बड़ी मात्रा में क्षति का आरोप लगाया गया है. बेमौसम वर्षा के कारण  गेहू,चना,लाखोरी,उडद,मूंग,मटर आदि 14,300 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुए फसलें पूर्णत: नष्ट होने का डर व्यक्त किया जा रहा है.

जिससे खरिफ में उत्पादन में कमी व रबि में बेमौसम बारिश से फसलों के क्षति से किसानों में वित्तीय संकट निर्माण होने की आशंका वय्क्त की जा रही है, इसलिए कहा जा रहा है कि इस वर्ष भी अकाल के संकट की स्थिति सामने आ सकती है. 

Famine like situation for the second consecutive year

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 14, 2022 | 11:23 PM

Topics:  

  • Bhandara
  • Rabi paddy crop
  • Wheat Crop

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.