शुद्ध की जगह दूषित पानी, जलशुध्दिकरण संयंत्र की नहीं हो रही देखरेख
- Written By: नवभारत डेस्क
File Photo
पालांदूर. लाखनी तहसील के पालांदूर गांव के नागरिकों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल के लिए माथापच्ची करना पड़ रहा है. ग्राम पंचायत कार्यालय पालांदूर द्वारा 3 लाख रुपये की लागत से शुरू किया गया जलशुध्दिकरण संयंत्र देखभाल और दुरुस्ती के अभाव से प्रभावहीन ठहर रहा है. नागरिकों को पीने के लिए शुध्द व साफसुथरा पानी न मिलने की वजह से असंतोष पैदा हुआ है.
पालांदूर को लाखनी तहसील की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है. जलशुद्धि संयंत्र के लिए ग्राम पंचायत द्वारा इकाई स्थापित की गई है. और यह 20 लीटर शुद्ध पानी तीन रुपये में उपलब्ध कराती है. हालांकि जल फिल्टरों के नियमित रखरखाव व मरम्मत के अभाव और जल शोधन में क्लोरीन के घोल का उपयोग न करने के कारण इस जलशुद्ध संयंत्र में घटिया पानी प्राप्त हो रहा है. नागरिकों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बाद भी जानबूझकर अनदेखी की जा रही है. पालांदूर के स्थानीय लोगों ने समस्या के समाधान की मांग की है.
जल्द ही शुद्ध पानी मिलेगा : रामटेके
पालांदूर ग्रापं सरपंच पंकज रामटेके ने बताया कि ग्राम पंचायत के पास जलशुद्धि संयंत्र की मरम्मत के लिए मासिक बैठक में विचारों का आदान-प्रदान हुआ. जल्द ही शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध कराया जाएगा.
