भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव: 27 फरवरी को जारी होगा नया आधार वर्ष, GDP गणना का बदलेगा तरीका
Budget 2026:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 10% की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि को वास्तविक बताया है। भारत की आर्थिक रफ्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
- Written By: आकाश मसने
बजट 2026 (डिजाइन फोटो)
India GDP Growth Estimate 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को स्पष्ट किया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 10 प्रतिशत की नॉमिनल वृद्धि का अनुमान पूरी तरह यथार्थपूर्ण और व्यावहारिक है। बजट पेश करने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि मौजूदा कीमतों पर आधारित यह विकास दर भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।
मुद्रास्फीति और जीडीपी का संतुलन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, भारत में मुद्रास्फीति (Inflation) वर्तमान में काफी कम है और आने वाले समय में भी इसी स्तर पर स्थिर रहने की संभावना है। उन्होंने तर्क दिया कि मुद्रास्फीति केवल मूल्य संशोधन का कारक नहीं है, बल्कि जीडीपी गणना में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बजट दस्तावेजों के मुताबिक, वास्तविक संदर्भ में भारत की जीडीपी का मूल्य ₹393 लाख करोड़ आंका गया है। 10 प्रतिशत की यह वृद्धि वर्तमान गणना पद्धति और मौजूदा सांख्यिकीय आधार पर आधारित है।
27 फरवरी को बदलेगा ‘आधार वर्ष’
भारत की आर्थिक गणना में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार फरवरी में जीडीपी और खुदरा मुद्रास्फीति के लिए ‘आधार वर्ष’ (Base Year) को संशोधित करने जा रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय आगामी 27 फरवरी को नई सांख्यिकीय श्रृंखला जारी करेगा।
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राष्ट्रीय खातों के नए डेटा 12 फरवरी को जारी किए जाएंगे, जिसमें 2022-23 को नया आधार वर्ष माना जाएगा। इसके तुरंत बाद, फरवरी के अंत में खुदरा मुद्रास्फीति के गणना आधार में भी संशोधन किया जाएगा। वित्त मंत्री ने विश्वास जताया कि इन सुधारों से अर्थव्यवस्था के आंकड़े अधिक सटीक और पारदर्शी होकर उभरेंगे।
