भंडारा में फिर ‘आसमानी आफत’ का साया! 26 से 30 मार्च तक भारी बारिश और बिजली का अलर्ट, किसान बेहाल
Bhandara Weather Forecast: भंडारा में फिर बेमौसम बारिश का खतरा! 26 से 30 मार्च तक 'येलो अलर्ट'। रबी और गर्मी की फसलों पर संकट, लाखनी तहसील में भारी नुकसान की आशंका। जानें बचाव के उपाय।
- Written By: प्रिया जैस
बारिश का अलर्ट (AI Generated Image)
Unseasonal Rain Vidarbha Alert: भंडारा जिले में एक बार फिर बेमौसम बारिश का खतरा मंडराने लगा है, जिससे किसान वर्ग में चिंता का माहौल है। मार्च की शुरुआत में हुई ओलावृष्टि से पहले ही फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था और अब दोबारा बारिश के अनुमान ने रबी और गर्मी की फसलों पर संकट खड़ा कर दिया है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 26 से 30 मार्च के बीच भंडारा सहित पूर्व विदर्भ के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं, बिजली की गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी अभिषेक नामदास ने इसे लेकर सतर्क रहने की अपील की है।
फसलों पर दोहरी मार का खतरा
इस समय जिले में रबी फसलें अंतिम चरण में हैं और चना, लाखोली, सरसों तथा गर्मी धान की कटाई शुरू हो चुकी है। कई स्थानों पर कटी हुई फसल खेतों में ही पड़ी है। ऐसे में बारिश होने पर फसल के भीगने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। तेज हवाओं के कारण खड़ी फसल के गिरने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे उत्पादन में कमी आ सकती है। मौसम में अचानक बदलाव से किसानों में भय का वातावरण है।
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लाखनी तहसील में सबसे ज्यादा नुकसान
पिछले 17 से 23 मार्च के बीच हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जिले को बड़ा झटका दिया था। इसका सबसे अधिक असर लाखनी तहसील में देखा गया, जहां 16 गांवों की लगभग 76.3 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई। कटाई के करीब पहुंची फसलें ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
किसानों का बिगड़ा आर्थिक संतुलन
प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह की बारिश से करीब 175 किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। बारिश और तेज हवाओं के कारण फसल की गुणवत्ता खराब हो गई है, जिससे बाजार में उचित दाम मिलने की संभावना कम हो गई है। पहले से ही खेती में लागत बढ़ने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और अब इस नुकसान ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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फसलों में रोग और कीटों का खतरा
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बदलते मौसम और बढ़ी हुई नमी के कारण फसलों में कीट और रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। इससे उत्पादन पर और असर पड़ सकता है। साथ ही पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर हो सकती है।
प्रशासन की अपील
जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें। बिजली गिरने के दौरान खुले स्थान या पेड़ों के नीचे खड़े न रहें। प्रशासन ने अगले पांच दिनों तक विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है।
