भंडारा जिला स्तरीय अंडर-17 शतरंज प्रतियोगिता में समर्थ रंगारी और वैदेही आंबेकर बने चैंपियन

Under-17 Chess Tournament: साकोली में आयोजित भंडारा जिला स्तरीय अंडर-17 शतरंज प्रतियोगिता में समर्थ रंगारी और वैदेही आंबेकर ने प्रथम स्थान हासिल किया।
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Chess Tournament (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara District Chess: भंडारा जिला शतरंज एसोसिएशन के तत्वावधान में अंडर17 जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन अकैडमी हाइट पब्लिक स्कूल के सभागार में किया गया। प्रतियोगिता में तुमसर, भंडारा, लाखनी और साकोली क्षेत्र के लगभग 30 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला शतरंज एसोसिएशन के सचिव नरेंद्र रंगारी, खेल आयोजक शाहेद कुरैशी, डॉ. राजेश चंदवानी, प्राचार्या संचिता ब्रह्मचारी तथा खिलाड़ियों के साथ उनके अभिभावक उपस्थित थे।

पांच राउंड में संपन्न हुई प्रतियोगिता के अंतिम परिणामों में बालक वर्ग में समर्थ रंगारी ने प्रथम तथा अनुराग चव्हाण ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में वैदेही आंबेकर प्रथम एवं वैष्णवी गहाणे द्वितीय स्थान पर रहीं। ये सभी खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं।

30 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा

प्रतियोगिता में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों सहित सभी प्रतिभागियों को अतिथियों के हाथों स्मृतिचिन्ह एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में नरेंद्र रंगारी, मुख्य आर्बिटर सागर साखरे तथा प्रवीण कठाने का विशेष योगदान रहा।

बौद्धिक कौशल पर आधारित है शतरंज डॉ. चंदवानीकार्यक्रम में डॉ. राजेश चंदवानी ने कहा कि शतरंज बौद्धिक कौशल और रणनीतिक सोच पर आधारित खेल है। अधिक से अधिक खिलाड़ियों को इसमें भाग लेकर अपने मानसिक विकास का लाभ उठाना चाहिए।

वहीं खेल आयोजक शाहेद कुरैशी ने कहा कि आधुनिक दौर में मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से शतरंज की नई चालें और तकनीकें आसानी से सीखी जा सकती हैं। विद्यार्थियों में एकाग्रता बढ़ाने के लिए शतरंज अत्यंत उपयोगी खेल है।

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