

Bhandara Teachers Protest: राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी नीतियों के विरोध में गुरुवार को राज्यभर में शिक्षक संगठनों ने स्कूल बंद आंदोलन किया। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी), संच मान्यता नीति, पदोन्नति प्रक्रिया में आ रही बाधाओं तथा शिक्षकों से कराए जा रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों के विरोध में शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन किया। इस आंदोलन के तहत भंडारा जिले में भी विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग आंदोलनकारी शिक्षकों ने पुणे स्थित शिक्षा संचालक कार्यालय द्वारा संचालित विस्तार अधिकारी, केंद्र प्रमुख एवं मुख्याध्यापक पदों की पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग की। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जिन जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उसे भी निरस्त किया जाए। महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति एवं समन्वय समिति ने इस संबंध में शासन से पुनर्विचार करने की मांग की है।
गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग शिक्षकों ने प्राथमिक शिक्षकों को बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) की जिम्मेदारी सहित सभी प्रकार के गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतः मुक्त करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। इसलिए शिक्षकों को केवल शैक्षणिक कार्यों तक सीमित रखा जाना चाहिए।
आंदोलन में महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक मध्यवर्ती संघ, टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कृती समिति, मुख्याध्यापक संघ, प्रहार संगठन, प्रोटान संगठन सहित अनेक शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। सभी संगठनों के पदाधिकारी और शिक्षक जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।