भंडारा में भीषण गर्मी ने दिलाई छायादार वृक्षों की याद; विकास की बलि चढ़े पेड़, घरों में ग्रीन नेट की मांग बढ़ी
भंडारा में वृक्षों की कटाई से भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। विकास के नाम पर खत्म होती हरियाली के बीच लोग अब राहत के लिए ग्रीन नेट और अन्य घरेलू उपायों का सहारा ले रहे हैं।
Bhandara Summer Heatwav News: भंडारा प्रचंड धूप में कहीं भी ऐसा एक भी वृक्ष नहीं दिखायी देता कि उसके नीचे खड़े होकर धूप से कुछ राहत पा ली जाए। विकास के नाम पर वृक्षों की कटाई के कारण पर्यावरण पर पड़े प्रतिकूल असर के कारण मानव जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
विकास के नाम पर सड़क निर्माण, पुल निर्माण, नहरें, जलाशय, बिजली के खंभे, बिजली के तारों के कारण वृक्षों को काटना पड़ रहा है। गांवशहर का विकास के नाम पर वृक्षों की कटाई का अंतहीन सिलसिला जारी है। कहीं कानूनी तो कहीं गैरकानूनी तरीके से वृक्ष काटे गए हैं।
वृक्ष काटने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जाती है। वनों में भी भारी मात्रा में वृक्ष कटौती की जा रही है, इस पर ध्यान देना जरूरी है। 000सरकारी आवास बन गए खंडहरभंडारा। समय पर देखभाल नहीं की जाने से परिसर के कई सरकारी आवास यह खंडहर बन गए हैं।
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इससे सटे कुछ आवास में कर्मचारियों के परिवार रह रहे हैं। मरम्मत के अभाव में वह भी क्षतिग्रस्त होकर दुर्घटना का डर हमेशा बना रहता है। इतना ही नहीं तो कुछ जगह सड़क खराब हो गई है। नालियां क्षतिग्रस्त हो गई है। इन दिनों मार्गों पर जगहजगह झाड़ियां उग जाने से अवागमन करना मुश्किल हो गया है।
जहरिले सांप निकलने का डर हमेशा बना रहता है।000ग्रीन नेट की डिमांड में आई तेजीसाकोली, सं। पिछले कुछ दिनों से तापमान इतना अधिक बढ़ गया है कि घरों के अंदर बैठना मुश्किल हो गया है। कूलर, पंखों आदि से भी काम नहीं चल पा रहा है। गर्मी का अहसास कम नहीं हो रहा है।
इसे देखते हुए शहर के लोगों ने तापमान को कम करने के लिए घरों में इकोफ्रेंडली तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए वे घरों में कई तरह के नुस्खे आजमाने के साथ ही ग्रीन नेट का सहारा ले रहे हैं। अभी ग्रीन नेट की डिमांड काफी अधिक बढ़ गई है।
