धाराशिव कृषि इनपुट घोटाला: 15 अधिकारी निलंबित, मृत और भूमिहीन किसानों के नाम पर 2.32 करोड़ की हेराफेरी

Dharashiv Agriculture Input Scam: धाराशिव जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत कृषि सामग्री वितरण में 2.32 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया। 15 कृषि अधिकारियों को निलंबित किया।
Dharashiv Agriculture Input Scam Dattatray Bharane
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Dharashiv 15 Agriculture Officers Suspended: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में कृषि इनपुट घोटाले में आखिरकार बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। एकीकृत कीट प्रबंधन और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन योजना में अनियमितता के मामले में जांच के बाद दोषी पाए गए 15 कृषि अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है।

मृत और फर्जी किसानों के नाम पर 2.32 करोड़ का गबन

यह पूरा मामला राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण अभियान के तहत चलाए जा रहे कृषि इनपुट वितरण से जुड़ा हुआ है। योजनाओं के क्रियान्वयन में धांधली की शिकायतें मिलने के बाद कृषि मंत्री ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट जब सामने आई तो उसमें बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए।

जांच में पाया गया कि अधिकारियों ने भूमिहीन व्यक्तियों, मृत किसानों, दोहरे पंजीकृत नामों और गैर-सदस्य किसानों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके नाम पर कृषि सामग्री और अनुदान का आवंटन दिखा दिया। कागजों पर हुए इस खेल के जरिए सरकारी खजाने को करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये का चूना लगाया गया।

जिला कृषि अधीक्षक समेत 15 अधिकारी निलंबित

कृषि इनपुट घोटाले की जांच के दौरान कुल 17 अधिकारी दोषी पाए गए, जिनमें से 15 अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबित अधिकारियों में दो जिला कृषि अधीक्षक, 8 तहसील कृषि अधिकारी और 4 मंडल कृषि अधिकारी शामिल हैं।

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विधायक कैलास पाटिल ने की थी शिकायत

इस घोटाले को लेकर शिवसेना (यूबीटी) विधायक कैलास पाटिल ने शिकायत की थी। वहीं किसान कार्यकर्ता अमोल जाधव ने इस मामले को लेकर आंदोलन भी किया था। इस शिकायत और आंदोलन के बाद ही सरकार को जांच बैठानी पड़ी।

जब घोटाले को लेकर जांच हुई तो अधिकारियों द्वारा भूमिहीन व्यक्तियों, मृत किसानों, दोहरे पंजीकृत नामों और गैर-सदस्य किसानों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके नाम पर कृषि सामग्री और अनुदान का आवंटन करने की बात सामने आई। इसके बाद कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने मामले में दोषी पाए गए 15 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। अब किसानों की नजर इस बात पर है कि कार्रवाई केवल निलंबन तक सीमित रहेगी या फिर संबंधित अधिकारियों से घोटाले की राशि वसूलने के साथ उनके खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा।

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