भंडारा के साकोली में खरीफ बुआई शुरू, बारिश से किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
Modern Farming Cost: भंडारा जिले के साकोली तहसील में बारिश के बाद किसानों ने खरीफ सीजन की बुआई शुरू कर दी है। खेतों में ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि यंत्रों से काम तेज हुआ है।
Tractor Farming Cost (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Kharif Sowing: भंडारा जिले के साकोली तहसील में पिछले सप्ताह में रिमझिम बारिश होने के बाद किसान खरीफ सीजन की खेतों की बुआई करने की तैयारीयों में जुटे थे। किसानों ने खेतों को बुआई के लिए तैयार किया था। जिले के कई तहसीलों में जोरदार बारिश हुई। जिसके चलते बारिश की राह देख रहे किसानों के बुआई के कार्य को आरंभ किया है।
सभी तहसीलों के किसान बुआई के कार्य में जुट गए है। खेती की बुआई करने के कार्य में किसान जुटने की वजह से शहरों समेत गांवों में भी सन्नाटा सा छाया हआ है। उल्लेखनीय है कि बारिश होने के चलते किसानों के चेहरों पर मुस्कान खिली है और किसान खेती के कार्य में कार्य में जुट गए हैं। खेती का पारंपरिक तरीका लगभग अप्रचलित हो गया है।
किसान बुआई कार्य में व्यस्त
प्रारंभ में कृषि में मशीनीकरण कृषि और किसानों के लिए वरदान था, लेकिन अब मशीनीकरण महंगा होने के कारण अभिशाप बनता जा रहा है। कृषि खेती के लिए उपयोग किए जाने वाले ट्रैक्टरों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। वर्तमान में ट्रैक्टर की सहयोग से हल चलाने के लिए किसानों को प्रति घंटा करीब 1000 रुपए गिनना पड़ रहा है।
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खेतों में जोरों से शुरू हैं कार्य
बारिश शुरू होते ही अधिकांश स्थानों पर किसानों ने खेती के कार्य आरंभ कर दिए है। दिनों दिन बदल रहीं जरूरतों के मद्देनजर आधुनिक खेती के प्रयोग में लगातार वृद्धि होती दिखाई दे रही है।
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कुछ वर्ष पहले जो किसान पारंपारिक रूप से बैलों की सहायता से अपनी खेती कर रहा था, वह अब ट्रैक्टर और अन्य आधुनिक कृषि यंत्र की सहायता से अपनी खेती करने में जुटा है। इसके लिए किसानों को खेती कार्य में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। लेकिन बारिश होने के चलते किसान बुआई कार्य में जुट गए हैं।
