भंडारा में 184 पुलों और 461 सरकारी भवनों का तकनीकी ऑडिट पूरा, मानसून के लिए प्रशासन सतर्क
Bhandara Bridge Audit: भंडारा में PWD ने 184 पुलों व 461 सरकारी भवनों का ऑडिट पूरा किया। जर्जर बावनथड़ी व ब्रिटिशकालीन पुल चिंता का विषय हैं, वहीं 18 संवेदनशील मार्ग हाई अलर्ट पर हैं।
- Written By: केतकी मोडक
भंडारा ब्रिज (सोर्स - फोटो नवभारत)
Dangerous Bridges In Bhandara: मानसून के आगमन से पहले भंडारा जिले में आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर लोक निर्माण विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने अपने अधीन आने वाले 184 पुलों और 461 शासकीय भवनों का तकनीकी ऑडिट पूरा कर लिया है, जिससे जिले की यातायात व्यवस्था मानसून का सामना करने के लिए तैयार बताई जा रही है।
184 पुलों का विस्तृत नेटवर्क
तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 184 पुल हैं, जिनमें 18 बड़े पुल (11 राज्य मार्गों पर तथा 7 प्रमुख जिला मार्गों पर) और 166 छोटे पुल (65 राज्य मार्गों पर तथा 101 प्रमुख जिला मार्गों पर) शामिल हैं। इनमें 30 मीटर से अधिक लंबाई वाले 18 पुल हैं, जबकि शेष 166 पुल 30 मीटर से कम लंबाई के हैं।
बावनथड़ी और ब्रिटिशकालीन पुल बने चिंता का विषय
रिपोर्ट में कुछ पुलों की स्थिति गंभीर बताई गई है। सिहोरा क्षेत्र के बपेरा गांव के पास बावनथड़ी नदी पर वर्ष 2002 में निर्मित पुल मात्र 23 वर्षों में जर्जर हो गया है। पुल में दरारें पड़ गई हैं और कंपन महसूस होने के कारण इसे ‘अत्यंत खतरनाक’ श्रेणी में रखा गया है। इसके स्थान पर नए पुल के निर्माण के लिए 96 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है और निर्माण कार्य जारी है।
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इसके अलावा वैनगंगा नदी पर वर्ष 1929 में बना ब्रिटिशकालीन पुल भी खराब स्थिति में है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधीन यह पुल बिना सुरक्षा रेलिंग के है और बरसात में अक्सर बाढ़ के पानी से घिर जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
18 सड़कें और पहुंच मार्ग हाई अलर्ट पर
लोक निर्माण विभाग ने मानसून के दौरान जलभराव और आवागमन बाधित होने की आशंका वाले 18 संवेदनशील मार्गों की पहचान की है। लाखांदुर उपविभाग में चुलबंद नदी के बैकवॉटर के कारण गोठणगांव, सिंदपुरी-आसगांव, कोंढा-भावड-बेलाटी तथा बारव्हा-जैतपुर मार्ग जलमग्न हो सकते हैं।
तुमसर क्षेत्र में चिचाल-नवेगांव- विरली तथा भेंडाला-जुनोना-शिवनाला मार्गों पर 4 से 5 किलोमीटर तक सड़क पानी में डूबने की संभावना है। पवनी क्षेत्र में पवनी-कोदुर्ली-भोजापुर मार्ग का लगभग 600 मीटर हिस्सा बरसात में यातायात के लिए बंद हो सकता है। इसके अलावा कारधा-खमारी-बोरगांव तथा ओपारा-मांढल मार्ग पर भी जलभराव का खतरा बना हुआ है।
जिले में संवेदनशील मार्गों का प्रयोग करने से बचें नागरिक
लोक निर्माण विभाग, भंडारा के कार्यकारी अभियंता अभिजीत कुचेवार ने बताया कि, संभावित मानसूनी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सभी 184 पुलों और 461 शासकीय भवनों का तकनीकी निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अत्यधिक वर्षा के दौरान संवेदनशील मार्गों से बचें और प्रशासन द्वारा बताए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। विभाग जनजीवन सामान्य बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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विशेष निगरानी कर रही टीम
विभाग ने सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की है और आपातकालीन नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किए गए हैं। भारी बारिश की स्थिति में यदि सड़कें या पुलों के पहुंच मार्ग पानी में डूब जाते हैं तो नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है।
बावनथड़ी नदी के जर्जर पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है तथा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने मानसून के दौरान समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखने की तैयारी पूरी कर ली है।
