भंडारा के पुलिस थानों में कबाड़ बन रहे जब्त वाहन, कानूनी देरी से अटकी वाहन नीलामी, करोड़ों का नुकसान

Bhandara Police Vehicle Auction News: भंडारा के विभिन्न पुलिस थानों में अपराधों में जब्त किए गए सैकड़ों वाहन वर्षों से खुले में पड़े हैं। कानूनी और प्रशासनिक देरी के कारण नीलामी प्रक्रिया अटकी हुई है।
bhandara police seized vehicles await auction
Vehicle Auction (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Bhandara Police Station Premises News: चोरी, जानलेवा दुर्घटनाओं, अवैध रेत तस्करी, शराब की तस्करी तथा अन्य विभिन्न अपराधों में पुलिस द्वारा जब्त किए गए वाहन इन दिनों जिले के विभिन्न पुलिस थानों के परिसरों में खुले आसमान के नीचे धूल खा रहे हैं। वर्षों से धूप, बारिश और हवा की मार झेल रहे करोड़ों रुपये मूल्य के ये वाहन अब कबाड़ में तब्दील होने की कगार पर पहुंच गए हैं। कानूनी जटिलताओं और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण इन वाहनों की समय पर नीलामी नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है।

दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लगे ढेर भंडारा जिला मुख्यालय स्थित कारधा पुलिस स्टेशन, भंडारा शहर तथा भंडारा ग्रामीण पुलिस थानों के परिसरों में जब्त वाहनों के बड़े-बड़े ढेर दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिलेभर के पुलिस थानों में करीब 800 से 900 दोपहिया वाहन और 10 से 12 चारपहिया वाहन नीलामी की प्रतीक्षा में पड़े हैं। कई मामलों में न्यायालय के आदेश पर वाहन उनके मूल मालिकों को सुपुर्द नामे पर सौंप दिए जाते हैं, लेकिन जिन वाहनों के मालिक सामने नहीं आते, जिनके दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं या जिनका सीधे अपराध में उपयोग हुआ होता है, वे वाहन वर्षों तक थानों में ही पड़े रहते हैं।

अपराधों में जब्त वाहन अब बन रहे कबाड़ का ढेर

लंबी कानूनी प्रक्रिया से अटकी नीलामी जब्त वाहनों की नीलामी के लिए पुलिस विभाग को तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। सबसे पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय आरटीओ द्वारा वाहनों का मूल्यांकन किया जाता है। इसके बाद न्यायालय से अनुमति लेकर अखबारों में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की जाती है और फिर नीलामी की प्रक्रिया शुरू होती है। लेकिन कई मामलों के वर्षों तक न्यायालय में लंबित रहने तथा प्रशासनिक मंजूरी में देरी के कारण यह प्रक्रिया अटक जाती है। नतीजतन, नीलामी होने तक कई वाहनों के इंजन और लोहे के हिस्से तक खराब हो जाते हैं।

जब्त वाहनों के महंगे पार्ट्स हो रहे गायब

पुलिस थानों में खुले में रखे गए इन वाहनों की सुरक्षा के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण कई वाहनों के महंगे पार्ट्स चोरी होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। बैटरी, टायर, इंजन के पार्ट्स, शीशे और पेट्रोल टैंक जैसे सामान गायब हो चुके हैं। ऐसे में नीलामी के समय खरीदारों को केवल वाहन का ढांचा ही दिखाई देता है, जिससे इन पर बोली लगाने में भी लोग रुचि नहीं दिखाते।

वाहनों का किया जा रहा मूल्यांकन

भंडारा थाना प्रभारी उल्हास भुसारी ने बताया कि, विभिन्न मामलों में जब्त वाहनों की नीलामी के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरटीओ विभाग द्वारा वाहनों का मूल्यांकन किया जा रहा है। हालांकि कानून व्यवस्था बनाए रखने, वीआईपी बंदोबस्त और अपराधों की जांच जैसी अन्य जिम्मेदारियों के कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में नीलामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com