Bhandara Education News: ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद स्कूलों के प्रति अभिभावकों का बदलता रुझान अब चिंता का विषय बनता जा रहा है। निजी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की ओर बढ़ते आकर्षण के कारण कई जिप स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
इसी पृष्ठभूमि में पवनी तहसील के बाचेवाड़ी ग्राम पंचायत ने एक अनोखी और प्रेरणादायी पहल की है। पंचायत ने निर्णय लिया है कि गांव के जिन अभिभावकों के बच्चे पहली कक्षा में प्रवेश के पात्र हैं और वे उनका दाखिला जिला परिषद स्कूल में कराते हैं, उन्हें एक वर्ष तक घर कर और पानी कर में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
ग्राम पंचायत की मासिक बैठक में पारित इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य स्कूल में घटती छात्र संख्या को बढ़ाना और अभिभावकों का विश्वास फिर से कायम करना है। वर्तमान में स्कूल में बेहद कम छात्र संख्या होने के कारण इसके बंद होने का खतरा मंडरा रहा था।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे पारंपरिक मराठी माध्यम के जिला परिषद स्कूलों की ओर रुझान घटा है। हालांकि, कई जिप स्कूल आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाने जाते हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा के चलते उन्हें अस्तित्व का संकट झेलना पड़ रहा है।
करीब सीमित आबादी वाले इस गांव का यह निर्णय न केवल स्थानीय स्कूल को नई संजीवनी देगा, बल्कि अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणादायी मॉडल बन सकता है। यह पहल राज्य सरकार द्वारा मराठी स्कूलों को बचाने के प्रयासों को भी जमीनी स्तर पर मजबूती देने का काम करेगी।