भंडारा में धान पंजीकरण का नया रिकॉर्ड, 79 हजार से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
Bhandara Paddy Registration: भंडारा जिले में रबी सीजन 2025-26 के दौरान धान बिक्री के लिए 79,679 किसानों ने पंजीकरण कर नया रिकॉर्ड बनाया है। जिले में अब तक 26. 64 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है।
Paddy Registration (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara Farmers Payment Pending: भंडारा जिले में धान खरीदी केंद्रों पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के रबी मौसम में धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराने की प्रक्रिया संपन्न हो गई है। आगामी 10 जून को पंजीकरण की अंतिम अवधि समाप्त होने तक जिले के किसानों में धान बेचने को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
वर्तमान में जिले के भीतर कुल 265 धान खरीदी केंद्र सुचारू रूप से संचालित हैं, जहां किसानों की सुविधा के लिए पंजीकरण की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस निर्धारित अवधि तक जिले के 79,679 किसानों ने रबी मौसम के तहत अपनी उपज बेचने के लिए सफलतापूर्वक पंजीकरण कराया है। इन किसानों ने कुल 95,244.64 हेक्टेयर क्षेत्र में उत्पादित धान का ब्योरा दर्ज कराया है।
भंडारा में धान बिक्री के लिए किसानों का उत्साह
यदि पिछले आंकड़ों से इसकी तुलना की जाए, तो इस वर्ष पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज हुई है। पिछले साल यानी वित्तीय वर्ष 2024-25 के रबी मौसम में महज 50,649 किसानों ने ही अपना पंजीकरण कराया था, जबकि इस बार यह संख्या 29,030 से बढ़कर 79,679 तक पहुंच गई है। धान की रिकॉर्ड खरीदी, पिछले साल का आंकड़ा पार पंजीकरण के साथसाथ जिले में धान की खरीदी भी तेज गति से चल रही है। अब तक जिले के विभिन्न केंद्रों पर 63,323 किसान अपनी धान की फसल बेच चुके हैं।
सम्बंधित ख़बरें
संभाजीनगर में Haj House के मूल उद्देश्य पर मंडरा रहा संकट, कर्मचारी कमी और प्रशासनिक अव्यवस्था से बढ़ी चिंताएं
ठाणे में ढोल-लेजिम की थाप और फूलों की बारिश के बीच जिला परिषद स्कूल दिवे-अंजूर में प्रवेशोत्सव की धूम
बदलते दौर में भी अडिग: ठाणे का ऐतिहासिक हिंदी स्कूल, जहाँ प्रवेशोत्सव पर बंटीं मुफ्त किताबें
ठाणे के म्युनिसिपल स्कूल के विद्यार्थी से डिप्टी CM तक! एकनाथ शिंदे ने अपनी कहानी से बच्चों को किया मोटिवेट
भुगतान अटकने से परेशानी
पणन विभाग की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अब तक कुल 26,64,434।14 क्विंटल धान की खरीदी पूरी की जा चुकी है। चूंकि धान खरीदी की यह प्रक्रिया आगामी 30 जून तक जारी रहने वाली है, इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस आंकड़े में और भी बड़ी वृद्धि देखने को मिलेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले साल रबी मौसम में कुल 22,40,643.95 क्विंटल धान ही खरीदा जा सका था। इस लिहाज से देखा जाए तो मौजूदा स्थिति में पिछले साल की तुलना में इस बार 4,03,790।99 क्विंटल अधिक धान की खरीदी हो चुकी है।
ये भी पढ़े: फर्जी मालिक बनाया और बेच दी करोड़ों की जमीन! क्या आपकी जमीन सुरक्षित है? जानें लैंड माफिया की मोडस ऑपरेंडी
631 करोड़ से अधिक का भुगतान अटका
एक तरफ जहां धान की रिकॉर्ड खरीदी से प्रशासन गदगद है, वहीं दूसरी तरफ अन्नदाता भुखमरी और तंगी की कगार पर पहुंच गया है। जिला मार्केटिंग फेडरेशन के माध्यम से अब तक कुल 631,20,44,477।66 करोड़ रुपये मूल्य के धान की खरीदी की जा चुकी है, लेकिन विडंबना यह है कि अब तक एक भी किसान को उसकी फसल का भुगतान नहीं मिल पाया है।
वर्तमान में मानसून की शुरुआत हो चुकी है और बारिश के इस मौसम में किसानों को अगली खेती, खादबीज की खरीदी और घरेलू खर्चों के लिए नकदी की सख्त जरूरत है। ऐसे समय में हफ्तों बीत जाने के बाद भी भुगतान न मिलने के कारण जिले के हजारों किसानों को बेहद गंभीर आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राशि बैंक खातों में जमा करने की गुहार लगाई है।
