भंडारा के किसानों का ₹329.72 करोड़ भुगतान अटका, धान बेचने के बाद भी नहीं मिला पैसा

Paddy Payment Pending: भंडारा जिले में रबी धान खरीदी के बाद भी 80,958 किसानों का करीब ₹329.72 करोड़ का भुगतान लंबित है। खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद भुगतान नहीं मिला।
bhandara paddy procurement payment pending farmers
भंडारा धान खरीदी- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bhandara Paddy Procurement: भंडारा जिले में रबी मौसम की धान खरीदी बंद हुए लगभग 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन हजारों किसानों को अब तक अपनी उपज का पूरा भुगतान नहीं मिल पाया है। खरीफ सीजन शुरू होने के बीच लंबित राशि नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। खेती करने के लिए बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों के लिए धन की आवश्यकता होने के बावजूद किसान अपने चुकारे मिलने का बेसब्री के साथ इंतजार कर रहे हैं।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में 80,958 किसानों से 33,80,707.61 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इसके एवज में संबंधित किसानों को 800,88,46,328.09 रुपये का भुगतान किया जाना था।

खरीफ सीजन शुरू, लेकिन धान का भुगतान नहीं

हालांकि, अब तक पणन विभाग के प्रधान कार्यालय से केवल 471,16,84,650 की राशि जिला कार्यालय को प्राप्त हुई है, जबकि जिला कार्यालय को प्रधान कार्यालय से अभी तक 323,61,10,878.88 रुपये वितरीत किए जा चुके है। इसके बावजूद अभी भी 329,72,11,678.09 रुपये की बड़ी राशि किसानों को मिलनी बाकी है। जानकारी के अनुसार फिलहाल 24 मई से 30 मई तक धान बेचने वाले किसानों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन उसके बाद धान बेचने वाले हजारों किसान अभी भी अपने पैसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

कर्ज लेने की नौबत

उल्लेखनीय है कि जिले में 30 जून को धान खरीदी प्रक्रिया समाप्त हो गई थी। इसके बाद पूरा जून महीना बीत गया और अब जुलाई का तीसरा सप्ताह भी शुरू हो चुका है, लेकिन लंबित भुगतान का मामला जस का तस बना हुआ है। किसानों का कहना है कि खरीफ की बुआई और अन्य कृषि कार्यों के लिए उन्हें तत्काल धन की आवश्यकता है। समय पर भुगतान नहीं मिलने से कई किसानों को उधार लेने या निजी स्रोतों से कर्ज जुटाने की नौबत आ रही है।

भुगतान में देरी बनी हमेशा की समस्या

किसानों का कहना है कि सरकार समय पर धान खरीदी तो कर लेती है, लेकिन भुगतान में होने वाली देरी उनके लिए सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो इसका असर खरीफ फसल की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। किसानों ने शासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि लंबित 329.72 करोड़ की राशि शीघ्र जारी कर सभी पात्र किसानों के खातों में भुगतान किया जाए, ताकि वे बिना आर्थिक संकट के खरीफ सीजन की खेती समय पर कर सकें। अब किसानों की निगाहें इस बात पर टिकी है कि आखिर उनका बकाया भुगतान कब तक उनके खातों में पहुंचेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com