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Bhandara News: नेताओं का सरकार पर हमला इस आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला. विपक्ष के नेताओं ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया.
उनका कहना था कि लोकसभा चुनाव से पहले ओबीसी जातिवार जनगणना का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार अपने वादे से पीछे हट रही है.इस मार्च की खास बात महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही.
प्रदर्शनकारियों ने पीली टोपी और दुपट्टे पहनकर विरोध दर्ज कराया, जिससे पूरा शहर पीले रंग में रंगा नजर आया. जय ओबीसी, जय संविधान के नारों से कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा.
ज्ञापन सौंपा, आंदोलन तेज करने की चेतावनी मार्च के बाद आयोजित सभा में प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजने के लिए सौंपा.
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा.
इस दौरान भगीरथ धोटे, उमेश कोर्राम, गोपाल सेलोकर, जयंत झोडे, मंगला वाडीभस्मे, ललिता देशमुख, वृंदा गायधने, भावना निकुले, शुभदा झंझाड, अनिता बोरकर, मनोज बोरकर, अरुण लुटे हजारों नागरिकों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाया.