

Mayor Candidate Suspense: भंडारा जिले की चार नगर परिषदों के आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन दूसरे दिन तक भी नगराध्यक्ष पदों के उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बरकरार है।
प्रमुख दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा में हो रही देरी से कार्यकर्ताओं में असंतोष और बेचैनी बढ़ी है। राजनीतिक हलकों में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दल अपने पत्ते आखिरी समय में खोलेंगे। जिले की चारों नगर परिषदों के चुनाव दो दिसंबर को होने वाले हैं, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 नवंबर तय की गई है।
नगराध्यक्ष पद के लिए भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है। भाजपा में दावेदारों की लंबी सूची के कारण टिकट वितरण में असमंजस की स्थिति है। बताया जा रहा है कि टिकट न मिलने की आशंका से कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफे भी दे दिए हैं। भंडारा नगर परिषद के लिए पूर्व सांसद सुनील मेंढे की पत्नी शुभांगी मेंढे और नगरसेविका मधुरा मिलिंद मदनकर के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। हालांकि, पार्टी ने अभी किसी नगर परिषद के लिए अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। वहीं, सूत्रों के अनुसार तुमसर और पवनी नगर परिषदों के लिए नाम लगभग तय माने जा रहे हैं।
शिवसेना (शिंदे गुट) ने इस बार सबसे पहले मैदान में उतरते हुए भंडारा नगराध्यक्ष पद के लिए डॉ. अश्विनी भोंडेकर का नाम तय कर लिया है। वे भंडारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेंद्र भोंडेकर की पत्नी हैं। इससे शिवसेना ने अन्य दलों पर शुरुआती बढ़त बना ली है।
इधर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो गई है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है। यदि यह गठबंधन साकार हुआ तो स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भंडारा नगर परिषद के लिए महिला कॉंग्रेस की जिलाध्यक्ष जयश्री बोरकर ने मजबूत दावेदारी पेश की है।