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भंडारा नगर परिषद के ठेका सफाईकर्मियों ने वेतनवृद्धि और कानूनी अधिकारों की मांग के बाद काम से हटाए जाने का आरोप लगाया है।
श्रमिक प्रतिनिधियों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को 28 वर्षों तक काम करने के बावजूद प्रतिदिन केवल 200 से 300 रुपए मिलते थे।
कर्मियों ने भविष्य निर्वाह निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, न्यूनतम वेतन और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
Bhandara sanitation Workers Protest: भंडारा नगर परिषद के ठेका सफाईकर्मियों को वेतनवृद्धि और कानूनी अधिकारों की मांग करने पर काम से हटाए जाने का आरोप श्रमिक प्रतिनिधिमंडल के परमानन्द मेश्राम ने लगाया गया है। प्रभावित कर्मियों ने पूर्ववत रोजगार, न्यूनतम वेतन और बकाया लाभदिलाने की मांग करते हुए जलसमाधि आंदोलन की चेतावनी दी है।
परमानंद मेश्राम और सचिन गेडाम सहित श्रमिक प्रतिनिधिमंडल ने नगर परिषद प्रशासन संचालनालय, नवी मुंबई के आयुक्त एवं संचालक को ज्ञापन सौंपकर मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ सफाईकर्मियों ने 28 वर्षों तक शहर की सफाई की, लेकिन उन्हें प्रतिदिन केवल 200 से 300 रुपए मजदूरी मिलती थी।
हाथमोजे, गमबूट, मास्क, वर्दी, स्वास्थ्य बीमा और अन्य सुरक्षा सुविधाएं भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराई गईं। कर्मियों का आरोप है कि न्यूनतम वेतन, भविष्य निर्वाह निधि (पीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) और उचित सेवा शर्तों की मांग को लेकर आंदोलन करने के बाद उनका रोजगार बंद कर दिया गया। इसके तुरंत बाद दूसरे ठेकेदार के माध्यम से सफाई कार्य शुरू कराया गया। पुराने कर्मियों को 200 से 300 रुपए प्रतिदिन, जबकि नए ठेकेदार के कर्मियों को करीब 600 रुपए प्रतिदिन दिए जाने की जानकारी दी गई है।
ज्ञापन में पुराने और नए ठेकेदारों की नियुक्ति, निविदा प्रक्रिया, अनुबंध, स्वीकृत निधि और वास्तविक भुगतान की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही सभी प्रभावित अनुभवी कर्मियों को दोबारा रोजगार देने, न्यूनतम वेतन का अंतर और बकाया भुगतान दिलाने तथा पीएफ-ईएसआईसी सहित कानूनी लाभ सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संचालनालय और नागपुर विभागीय कार्यालय ने 3, 10, 17 और 28 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर समस्या सुलझाने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद न्याय नहीं मिलने का आरोप श्रमिक प्रतिनिधियों ने सात दिन के भीतर प्रशासन, श्रमिक प्रतिनिधियों और श्रम विभाग की संयुक्त बैठक बुलाने तथा पूर्व निर्देशों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधान सचिव, नगर विकास विभाग, विभागीय आयुक्त नागपुर, विभागीय सह आयुक्त, जिलाधिकारी भंडारा, श्रम आयुक्त और नगर परिषद के मुख्याधिकारी को भेजी गई है।