भंडारा में बारिश के साथ बढ़ा मौसमी बीमारियों का खतरा, डॉक्टरों ने उबला पानी पीने की दी सलाह
Rainy Season Infection: भंडारा जिले में मानसून के बाद मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार, मलेरिया, पीलिया और जलजनित संक्रमण के मरीज बढ़ रहे हैं।
Health Department Advisory (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Bhandara Seasonal Diseases: भंडारा जिले में मानसून के सक्रिय होने के बाद लगातार रुकरुक कर बारिश हो रही है। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं मौसम में आए बदलाव के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में इन दिनों सर्दी, खांसी, बुखार, मलेरिया, पीलिया तथा अन्य संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का पानी कई स्थानों पर पेयजल स्रोतों, कुओं और जलापूर्ति व्यवस्था में मिल जाता है, जिससे पानी दूषित हो जाता है।
भंडारा में मौसमी बीमारियों का बढ़ा प्रकोप
दूषित पानी पीने से पीलिया, टायफाइड, डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं खेतों और आसपास जमा गंदा पानी भी संक्रमण फैलाने का प्रमुख कारण बन रहा है। डॉक्टरों के अनुसार बारिश के मौसम में खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। बासी भोजन खाने से बचना चाहिए और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
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अस्पतालों में मरीजों की कतार
अधिक पके हुए आम तथा अन्य फलों का अत्यधिक सेवन भी इस मौसम में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को हमेशा ताजा और स्वच्छ भोजन करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से पानी को उबालकर और छानकर पीने की अपील की है। घर और आसपास साफसफाई बनाए रखने, जलभराव न होने देने तथा मच्छरों की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय अपनाने पर भी जोर दिया गया है।
खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बढ़ रही मरीजों की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथसाथ जिला अस्पताल में भी मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
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दूषित पानी से फैल सकती हैं बीमारियां
चिकित्सकों का कहना है कि यदि लगातार बुखार, तेज सिरदर्द, उल्टी, शरीर में दर्द, आंखों या त्वचा का पीला पड़ना अथवा अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। सावधानी बरतने की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ीसी सतर्कता और स्वच्छता अपनाकर मानसून के दौरान होने वाली अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की गाइडलाइन
इसलिए नागरिकों को साफ पानी पीने, ताजा भोजन करने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जा रही है। इससे न केवल संक्रमण का खतरा कम होगा, बल्कि पूरे परिवार का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा।
