भंडारा मासूम दुष्कर्म मामला: 24 दिन में जांच पूरी, SIT ने कोर्ट में दाखिल किया 541 पन्नों का आरोपपत्र

Bhandara Police SIT Chargesheet: भंडारा में 3.5 साल की मासूम बच्ची से हुए दुष्कर्म मामले में SIT ने 541 पन्नों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया है।
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भंडारा दुष्कर्म मामला (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Bhandara Minor Assault Case: साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुए अमानवीय यौन अत्याचार की घटना से भंडारा जिले में आक्रोश की लहर दौड़ गई थी। घटना के विरोध में हजारों नागरिक सड़कों पर उतर आए थे, जिससे शहर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटील स्वयं भंडारा पहुंचे थे। इसके बाद मामले की जांच के लिए 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया।

विशेष जांच दल ने मामले की जांच तेजी से पूरी करते हुए 24 दिनों में 541 पन्नों का आरोपपत्र तैयार कर न्यायालय में दाखिल किया है। पुलिस के अनुसार, अपराध दर्ज होने के महज 16 दिनों के भीतर 541 पन्नों का आरोपपत्र विशेष सत्र न्यायालय, भंडारा में प्रस्तुत किया गया।

आरोपी न्यायिक हिरासत में

नाबालिग पीड़िता से जुड़े इस गंभीर अपराध की जांच भंडारा पुलिस ने अत्यंत संवेदनशीलता, सतर्कता और पेशेवर दृष्टिकोण से की। घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, चिकित्सकीय निष्कर्ष, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा वैज्ञानिक जांच से प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र तैयार किया गया। मामले में आरोपी रोहित संजय वासनिक (20), निवासी समता नगर, फेज-2, भंडारा को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में नागपुर केंद्रीय कारागार में बंद है। मामले की संवेदनशीलता और नाबालिग पीड़िता को देखते हुए सुनवाई जल्द से जल्द पूरी कराने के लिए न्यायालय से पत्राचार किया गया है।

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आरोपी पर भंडारा पुलिस की सख्त कार्रवाई

साथ ही प्रभावी न्यायिक पैरवी के लिए विशेष सरकारी वकील की नियुक्ति को लेकर संबंधित शासन प्राधिकरण को आवश्यक प्रस्ताव भेजा गया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन और अपर पुलिस अधीक्षक निलेश मोरे के मार्गदर्शन में विशेष जांच दल ने की।

इस कारण जमानत प्रक्रिया, आदतन अपराधियों पर निगरानी और ऐसे आरोपियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता भी सामने आई है। भंडारा पुलिस की ओर से गंभीर अपराध की जांच में तेजी, वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग और कानूनी प्रक्रिया का समन्वय करते हुए इतने कम समय में आरोपपत्र दाखिल करना महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।

आरोपी पहले भी कर चुका था अपराध

जांच अधिकारी ज्योतिका इंगले, उपविभागीय पुलिस अधिकारी, पुलिस निरीक्षक तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार, भंडारा शहर की एक आंगनवाड़ी में मासूम बच्ची बाथरूम गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ कथित रूप से यौन अत्याचार किया।

घटना सामने आने के बाद आक्रोशित नागरिकों ने आरोपी की पिटाई की थी। आरोपी ने भी खुद को घायल करने का प्रयास किया था ।इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि आरोपी के खिलाफ इससे पहले भी इसी तरह के दो मामले दर्ज हैं, जो न्यायालय में लंबित हैं। दिसंबर में जमानत पर बाहर आने के कुछ महीनों बाद ही उस पर फिर से गंभीर अपराध का आरोप लगा।

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