भंडारा: 2.61 लाख पशुओं को मिली डिजिटल पहचान, पोर्टल पर डेटा ऑनलाइन, अब एक क्लिक पर पूरी कुंडली उपलब्ध
भंडारा जिले में 2.61 लाख पशुओं का डिजिटल पंजीकरण हुआ। पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
Bhandara Livestock Mission News: भंडारा आधुनिक तकनीक के इस दौर में अब भंडारा जिले के पशुधन को भी अपनी डिजिटल पहचान मिल गई है। पशुपालन विभाग की ओर से चलाए गए पशुधन डिजिटल मिशन के तहत जिले के पशुओं का सटीक पंजीकरण अब ऑनलाइन उपलब्ध हो गया है। जिले के कुल 3,19,897 बड़े पशुओं में से 2,61,923 90 प्रतिशत का ईयर टैगिंग सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। शेष बचे पशुओं के लिए तहसील स्तर पर विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
जिले की सातों तहसीलों में टैगिंग की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है, जिसमें डेयरी व्यवसाय में अग्रणी क्षेत्रों ने बाजी मारी है। व्यावसायिक पशुपालकों की अधिकता वाले क्षेत्रों में यह आंकड़ा 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जिले में बड़े पशुओं के टैगिंग कार्य में भंडारा और साकोली तहसील सबसे आगे हैं। इन क्षेत्रों के साथसाथ मोहाड़ी में व्यावसायिक पशुपालन अधिक होने के कारण यहां 93 से 95 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है।
वहीं तुमसर और पवनी तहसील में 88 से 90 प्रतिशत टैगिंग हुई है, जहां दुर्गम क्षेत्रों के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। लाखांदुर और लाखनी में खेती के काम में आने वाले पशुओं का 85 प्रतिशत पंजीकरण हो चुका है और प्रशासन ने मानसून से पहले शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया है। बड़े पशुओं के बाद अब प्रशासन की नजर जिले के 2,02,352 लघु पशुधन भेड़बकरी पर है। अब तक 10,476 लघु पशुओं का टैगिंग हो चुका है। शेष 1,99,183 बकरियों और 3,169 भेड़ों को भारत पशुधन पोर्टल पर लाने का काम तेजी से चल रहा है।
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पशुपालकों को मिलेंगे ये प्रमुख लाभ
भेड़पालकों और बकरी पालन करने वाले समूहों के लिए समूह टैगिंग पद्धति अपनाई जा रही है, जिससे चलते फिरते झुंडों का पंजीकरण करना अब आसान हो गया है।बाक्सपशुपालकों को मिलेंगे ये बड़े लाभ 1 जून 2024 से टैगिंग अनिवार्य होने के बाद अब पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना सरल हो गया है। पात्र पशुपालकों को 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान वाली योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब डिजिटल टैग अनिवार्य है।
इससे बीमा दावों में आने वाली तकनीकी दिक्कतें दूर हो गई हैं और पशु की मृत्यु होने पर मालिक को तत्काल मुआवजा मिलना संभव होगा। पोर्टल के माध्यम से पशुओं के टीकाकरण और उपचार की जानकारी भी अब एक क्लिक पर उपलब्ध है।बाक्सगर्मी को लेकर स्वास्थ्य नियोजनबढ़ते तापमान को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुओं को लू उष्माघात से बचाने के लिए तहसीलवार जल भंडारण और चारा नियोजन के कड़े निर्देश दिए हैं।
सके साथ ही मानसून पूर्व टीकाकरण अभियान का समय पत्रक भी जारी कर दिया गया है। जिला पशुपालन उपायुक्त विलास गाडगे ने बताया कि जिले के 90 प्रतिशत बड़े पशुओं का काम पूरा हो चुका है और अब पूरा ध्यान दुर्गम इलाकों के लघु पशुधन पर है ताकि हर पशुपालक को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
पशुधन डिजिटल मिशन
पशुधन डिजिटल मिशन पर एक नजरविवरण संख्या/प्रतिशत वर्तमान स्थितिकुल
- कुल बड़े पशु: 3,19,897
- टैगिंग पूर्ण: 2,61,923 (90%)
- अग्रणी तहसीलें: भंडारा, मोहाड़ी, साकोली (95% तक)
- लघु पशुधन लक्ष्य: 2,02,352
- लघु पशु टैगिंग: 10,476 (प्रगति पर)
- अनुदान सीमा: 50% से 75% (टैग अनिवार्य)
