

Bhandara Depositors Protest: साकोली और सानगड़ी शाखा की लक्ष्मी ग्रामीण बिगर शेती सहकारी पतसंस्था मंल जमा राशि वापस नहीं मिलने से नाराज जमाकर्ताओं ने एक बार फिर जिला उपनिबंधक कार्यालय, भंडारा पहुंचकर प्रदर्शन किया और दूसरा स्मरणपत्र सौंपा। करीब एक माह पहले 3 जून को 68 खाताधारकों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर जमा राशि लौटाने की मांग की थी, लेकिन अब तक भुगतान नहीं होने से गुरुवार को 100 से अधिक खाताधारक जिला उपनिबंधक कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन की प्रति जिला कलेक्टर को भी सौंपी गई।
जिला उपनिबंधक शुद्धोधन कांबले ने संस्था के अध्यक्ष, प्रबंधक एवं संचालक मंडल को आदेश जारी कर सात दिनों के भीतर सभी जमाकर्ताओं की राशि लौटाने के निर्देश दिए हैं। सभी जमाओं का भुगतान करना संस्था की कानूनी जिम्मेदारी है। यदि सात दिन के भीतर राशि वापस नहीं की गई - तो संचालक मंडल एवं प्रबंधक के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई के साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।
इस समय भोजराम बांगडकर, संतोष पराते, प्रकाश रोकड़े, विनोद गुप्ता, यशोधरा इलमकर, ज्योति दुबे, अरुण बंसोड, मनोज कटनकार, आशा फंदे, दिलीप निनावे, गीता मेश्राम सहित 100 से अधिक महिला एवं पुरुष खाताधारक मौजूद थे। सभी ने चेतावनी दी कि यदि आदेश के बाद भी - भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन और आमरण अनशन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संस्था के संचालक मंडल और प्रशासन की होगी।
संस्था के अध्यक्ष विलास वाघाये ने एक खाताधारक के मोबाइल पर फोन किया। स्पीकर पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि सभी जमाकर्ताओं की राशि शनिवार अथवा सोमवार तक लौटाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाखनी शाखा में भुगतान शुरू कर दिया गया है तथा साकोली और सानगड़ी शाखा के खाताधारकों को भी दो-चार दिनों में भुगतान कर दिया जाएगा।
जमाकर्ताओं ने बताया कि लक्ष्मी ग्रामीण बिगर शेती सहकारी पतसंस्था की साकोली और सानगड़ी शाखाओं में क्षेत्र के गरीब एवं किसान परिवारों ने करोड़ों रुपये जमा किए हैं। संस्था की ओर से बार-बार भुगतान की नई-नई तारीखे दी जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी खाताधारक को राशि वापस नहीं मिली है। संस्था के संचालक फोन तक नहीं उठा रहे हैं, वर्तमान में खरीफ बुवाई का मौसम होने से किसानों को पैसों की सख्त जरूरत है। यदि तीन दिनों के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो सभी खाताधारक भंडारा में आमरण अनशन शुरू करेंगे।