Bhandara News: लाखनी तहसील के अंतिम छोर पर स्थित वाकल गांव में पिछले एक वर्ष पहले यात्रियों की सुविधा के लिए एक यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण किया गया था, लेकिन विडंबना यह है कि यहां बस सेवा ही उपलब्ध नहीं है, जिससे यह भवन अब केवल दिखावे की वस्तु बनकर रह गया है।
इस कारण क्षेत्र के नागरिकों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बस सेवा शुरू नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
परिवहन विभाग की ओर से हाथ दिखाओ, बस रोको गांव जहां, बस वहां जैसे नारे देकर प्रचार तो किया जा रहा है, लेकिन हकीकत में ग्रामीण क्षेत्रों के कई गांव अब भी बस सेवा से वंचित हैं।
वाकल गांव के साथ भी ऐसा ही हुआ है, जहां पहले चल रही बस सेवा अचानक बंद कर दी गई। वाकल, देवरी, गोंदी तथा आसपास के गांव जैसे तई, हरदोली, महेगांव और धीवरखेडा के किसान मुख्य रूप से सब्जी और फलोत्पादन पर निर्भर हैं।
बस सेवा बंद होने से उन्हें अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा विद्यार्थियों के सामने स्कूल जाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार ने यात्री निवारा बनाकर सुविधा का दावा किया, वहीं दूसरी ओर बस सेवा बंद कर दी, जिससे यह निवारा अब पशुओं का ठिकाना बन गया है और वहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
गांव की सरपंच कांता जनबंधु ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर वाकल में बस सेवा पुनः शुरू करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो सके।