

आथली के चुलबंद नदी घाट पर आधी रात छापा।
21 ट्रैक्टर समेत 27 वाहन जब्त।
3.49 करोड़ रुपये के माल की जब्ती का दावा।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी।
ओवरलोड रेत परिवहन पर भी कार्रवाई की मांग।
Bhandara Police Sand Smuggling: भंडारा जिले में रेत तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लाखांदुर तहसील के आथली स्थित चुलबंद नदी घाट पर आधी रात छापेमारी कर पुलिस ने 21 ट्रैक्टर समेत 27 वाहन और 23 ब्रास रेत जब्त की। पुलिस के अनुसार, जब्त माल की कुल कीमत 3 करोड़ 49 लाख 38 हजार रुपये है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को मौके से पकड़ा गया, जबकि कई वाहन चालक और अन्य संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आथली के चुलबंद नदी घाट से पिछले कुछ दिनों से रात के समय बड़े पैमाने पर रेत चोरी किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि कुछ लोग जेसीबी और ट्रैक्टर लोडर की मदद से नदी घाट से रेत निकालकर ट्रैक्टरों और टिप्परों के जरिए उसका परिवहन कर रहे थे।
जिला पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस अधीक्षक तेजस सारडा के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए पुलिस दल गठित किया गया। शनिवार मध्यरात्रि को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने नदी घाट पर छापा मारा।
पुलिस ने इस मामले में राहुल परशुरामकर (27), निवासी पिपलगांव/को., तहसील लाखांदुर; लुकेश गायकवाड (34), निवासी खेड़ेगांव, तहसील कुरखेड़ा, जिला गड़चिरोली; और हेमंत बोरकर (31), निवासी लाखांदुर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस दल को देखकर कई वाहन चालक अपने वाहन घटनास्थल पर छोड़कर भाग गए। पुलिस ने जब्त वाहनों और रेत के संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपियों और वाहन चालकों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई को लाखांदुर तहसील में रेत तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
लाखांदुर तहसील में पिछले वर्ष 18 नदी घाटों की नीलामी की गई थी। इनमें वैनगंगा नदी के 11 और चुलबंद नदी के सात घाट शामिल हैं। बताया जाता है कि नीलामी के बाद संबंधित कंपनियों ने रेत निकालकर विभिन्न स्थानों पर उसका भंडारण किया है और रॉयल्टी के आधार पर परिवहन भी किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर वैनगंगा नदी के घाटों से रात के समय टिप्परों के जरिए अंतरजिला रेत परिवहन किए जाने और कुछ वाहनों में क्षमता से अधिक रेत ले जाने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे परिवहन पर निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठ रही है।