भंडारा स्वास्थ्य सेवाओं पर मंत्री प्रकाश आबिटकर सख्त, निजी अस्पताल रेफरल पर होगी कार्रवाई

102 Ambulance Service: भंडारा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विधायक नरेंद्र भोंडेकर की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की अध्यक्षता में मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई।
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Prakash Abitkar (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara Health Services: भंडारा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सामने आ रही अनियमितताओं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विधायक नरेंद्र भोंडेकर की पहल पर मंत्रालय के समिति कक्ष में राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को जानबूझकर निजी अस्पतालों की ओर भेजना, कट प्रैक्टिस को बढ़ावा देना अथवा सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी, ईएमएस समन्वयक और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों को रही परेशानी

विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने बैठक में बताया कि जिले में संचालित 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से कई मरीजों को सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों अथवा महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के अंतर्गत मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही उपचार के लिए भेजा जाए।

साथ ही आशा कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा, तुमसर, साकोली और पवनी के उप जिला अस्पतालों की क्षमता 100 से बढ़ाकर 200 बेड करने, दवाओं की कमी दूर करने तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों को शीघ्र चालू करने की मांग भी रखी।

दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के पिछले छह माह के रेफरल रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों के बेहतर समन्वय, सभी सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण दवाएं, स्वच्छता, पर्याप्त मानव संसाधन और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं की होगी जांच

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक तीन माह में विधायकों की उपस्थिति में जिला स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा बैठक आयोजित होगी, जिसमें सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सख्त आदेश

बैठक में विधायक महेंद्रशेठ दलवी, स्वास्थ्य सेवा आयुक्त संजय काटकर, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. विजय कंदेवाड, उप निदेशक राजेंद्र भालेराव, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नितीन कापसे, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. संदीपकुमार गजभिये सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, ईएमएस समन्वयक तथा राज्य के सभी जिला शल्य चिकित्सक और जिला स्वास्थ्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे।

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