स्कूल की छत से टपक रहा पानी, पढ़ाई छोड़ बकेट थामने को मजबूर हुए बच्चे; इस ZP स्कूल का VIDEO देख खौल जाएगा खून

Chhatrapati Sambhajinagar ZP School: संभाजीनगर में ZP स्कूल की बदहाली का हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। क्लासरूम की छत से पानी टपकने के कारण मासूम बच्चे पढ़ाई छोड़ बाल्टियां थामने को मजबूर हैं।
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लीक होती स्कूल की छत और पानी समेटते बच्चें (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar ZP School Roof Leaking: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के डोनवाडा-येलथी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है, बल्कि पूरे प्रशासन को शर्मसार कर दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने जिला परिषद स्कूलों की बदहाली का वह चेहरा दिखाया है, जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए।

छत्रपति संभाजीनगर जिले के डोनवाडा-येलथी स्थित जिला परिषद स्कूल की हालत "बद से बदतर" हो चुकी है। भारी और निरंतर हो रही बारिश के कारण स्कूल की छतों से पानी इस कदर रिस रहा है जैसे कोई नल खोल दिया गया हो। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिस क्लासरूम में बच्चों को भविष्य का पाठ पढ़ना चाहिए था, वहां आज वे बाल्टियां लेकर पानी निकाल रहे हैं। स्कूल का कमरा अब कक्षा कम और एक 'तालाब' ज्यादा नजर आता है,।

नेटिजन्स का फूटा गुस्सा: प्रशासन चुल्लू भर पानी में डूब मरे

वीडियो में दिख रहा दृश्य अत्यंत भावुक करने वाला है छोटे-छोटे मासूम बच्चे अपनी टीन की छतों से गिरते पानी को हाथों से बकेट में भर रहे हैं और उसे बाहर फेंक रहे हैं। इस दृश्य को देखकर सोशल मीडिया पर नेटिजन्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि शिक्षा जैसा पवित्र क्षेत्र भी अगर इतनी लापरवाही का शिकार है, तो प्रशासन को अपनी विफलता पर चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।

बच्चों को पढ़ना चाहिए, पानी बाहर निकालना नहीं

यह घटना मानसून के दौरान स्कूल के बुनियादी ढांचे की जर्जर अवस्था पर गंभीर चिंता पैदा करती है। वीडियो के वायरल होने के बाद हर तरफ से एक ही आवाज उठ रही है कि बच्चों को पढ़ना चाहिए कक्षाओं से पानी बाहर नहीं निकालना चाहिए। डोनवाडा-येलथी की यह स्थिति चीख-चीख कर कह रही है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर सुविधाओं और तत्काल मरम्मत की जरूरत है।

सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इन मासूमों की आंखों में छुपे डर और मजबूरी को देख पा रहा है? क्या इन बच्चों का भविष्य भी इसी तरह बारिश के पानी के साथ बह जाएगा, या फिर अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागेंगे? फिलहाल, यह वायरल वीडियो प्रशासन की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा प्रमाण बना हुआ है।

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