किसानों के ज्वलंत मुद्दों पर भारतीय किसान संघ आक्रामक, मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिखकर की ये मांग

Bhandara News: भंडारा में अतिवृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई है। किसान समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इसमें कई मांगें की।
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साकोली तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते भारतीय किसान संघ के सदस्य (फोटो नवभारत)
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Bharatiya Kisan Sangh News: भंडारा जिले में अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। बीमा योजना का लाभ न मिलना, वन्य प्राणियों का बढ़ता प्रकोप और उपज को उचित समर्थन मूल्य न मिलने से परेशान किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ की ओर से साकोली तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पांडे के मार्गदर्शन में तथा जिलामंत्री दिनेश कापगते की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें

  • विदर्भ की खरीफ और ग्रीष्मकालीन फसलें अतिवृष्टि के कारण बर्बाद होने के चलते पूरे क्षेत्र को गीला सूखा घोषित किया जाए।
  • दिवाली पूर्व किसानों को 13,600 रुपये प्रति हेक्टेयर (अधिकतम 3 हेक्टेयर) के अनुसार मुआवजा दिया जाए।
  • धान, मक्का, कपास और सोयाबीन की खरीदी एमएसपी दर पर 15 अक्टूबर से 31 मार्च तक सुनिश्चित की जाए।
  • कपास की नमी सीमा 10% से बढ़ाकर 15% की जाए और किसानों को बोनस भी मिले।
  • पिछले तीन वर्षों का बकाया फसल बीमा मुआवजा दिवाली पूर्व जारी किया जाए।
  • प्रत्येक तहसील स्तर पर फसल बीमा शिकायत निवारण कक्ष स्थापित किए जाएँ।
  • किसानों को समय पर सिंचाई हेतु 10 घंटे प्रतिदिन बिजली उपलब्ध कराई जाए।
  • सौर पंप और नए कनेक्शन के आवेदन पर एक माह के भीतर कनेक्शन दिया जाए, अन्यथा संबंधित कंपनी पर कार्रवाई हो।
  • गोंदिया और भंडारा जिलों के किसानों को अब तक खरीदे गए धान का पूरा भुगतान और बोनस तुरंत जारी किया जाए।
  • पिछली खरीफ धान का बोनस प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये तत्काल दिया जाए।
  • ई-फसल निरीक्षण की शर्तों को शिथिल कर पूर्ववत पद्धति लागू की जाए।
  • निरीक्षण अवधि:  खरीफ के लिए 30 जून से 30 सितंबर, रबी के लिए 1 नवम्बर से 31 मार्च, व ग्रीष्मकालीन 1 अप्रैल से  30 जून तक्र

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान संघ विदर्भ प्रांत की ओर से उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय जिला सहमंत्री ऋग्वेद येवले, तहसील अध्यक्ष गिरीधर लांजेवार, अंकित कापगते, मिलिंद कापगते, टिकेश बहेकार, जयदेव भलावी, भिमराव तवाडे, देवानंद येरने, मयुर चिरवतकर, आवरकर तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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