Bhandara News: भंडारा में दुग्ध विकास योजना को बढ़ा समर्थन, 1,364 पशुपालकों ने किए 4,442 आवेदन

Dairy Subsidy Maharashtra: भंडारा जिले में विदर्भ-मराठवाड़ा दुग्ध विकास परियोजना चरण-2 के तहत 1,364 पशुपालकों से 4,442 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
bhandara dairy development scheme subsidy benefits
भंडारा दुग्ध विकास योजना- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Bhandara Dairy Development Scheme: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और दूध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से भंडारा जिले में विदर्भ-मराठवाड़ा दुग्ध विकास परियोजना चरण-2 को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। योजना को पशुपालकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अब तक जिले के 1,364 पशुपालकों से विभिन्न घटकों के लिए 4,442 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

इनमें से 3,312 आवेदनों को मंजूरी दी गई है, जबकि 1,771 आवेदन तकनीकी कारणों से नामंजूर हुए हैं। विभाग के अनुसार फिलहाल कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। योजना की विशेषता यह है कि एक ही लाभार्थी विभिन्न घटकों के लिए अलग-अलग आवेदन कर सकता है।

पशुपालकों को मिल रहा अनुदान

परियोजना के तहत दुधारू पशुओं की खरीदी, आधुनिक चारा उत्पादन, पौष्टिक पशु आहार, साइलेज, कुट्टी मशीन तथा अन्य सुविधाओं के लिए 50 से 100 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। दुधारू पशु खरीदी के लिए प्राप्त 914 आवेदनों में से 844 को मंजूरी मिली है। कुट्टी मशीन के लिए 701 में से 643, फर्टिलिटी फीड के लिए 875 में से 798, एचजीएम बछिया के लिए 257 में से 228, एसएनएफ एनहांसर के लिए 814 में से 393, चारा विकास के लिए 304 में से 144 तथा साइलेज के लिए 577 में से 262 आवेदनों का चयन किया गया है।

500 पशुपालकों को दिया गया प्रशिक्षण

योजना के तहत अब तक जिले के 500 पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसमें वैज्ञानिक पशुपालन, संतुलित पशु आहार, चारा प्रबंधन और दूध उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई, ताकि पशुपालक अधिक उत्पादन के साथ बेहतर आय अर्जित कर सकें।

अनुदान मिलने से बढ़ा उत्साह

वर्ष 2019 की पशुगणना के अनुसार जिले में 3.9 लाख से अधिक गाय और भैंसवर्गीय पशुधन है। परियोजना के अंतर्गत अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं की खरीदी पर 50 प्रतिशत, भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से तैयार बछिया पर 75 प्रतिशत, बहुवर्षीय चारा विकास पर 100 प्रतिशत तथा बिजली से चलने वाली कुट्टी मशीन पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। साइलेज खरीदी पर 3 रुपये प्रति किलो की सहायता भी उपलब्ध है।

अब स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना का उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण युवाओं और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। वैज्ञानिक पशुपालन, आधुनिक तकनीकों और सरकारी अनुदान के माध्यम से दुग्ध व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

रोजगार के नए अवसर

भंडारा जिला परियोजना अधिकारी डॉ. दीपक मदिकुंटावार ने कहा कि इस योजना के माध्यम से पारंपरिक दुग्ध व्यवसाय को आधुनिक तकनीक का साथ और सरकार के मजबूत अनुदान का सहारा मिल रहा है। जिले के किसान भाइयों के लिए समय रहते इस योजना में पंजीकरण कराकर आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाना आज के समय की मांग है। इच्छुक किसान अधिक जानकारी या ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट www।vmddp।com पर जा सकते हैं अथवा अपने - नजदीकी पशुसंवर्धन कार्यालय से संपर्क करें।

Navbharat Live
navbharatlive.com