भंडारा जिला सहकारी बैंक ने फसल ऋण वितरण में बनाया रिकॉर्ड, लक्ष्य का 102% हासिल

Bhandara Crop Loan: भंडारा मध्यवर्ती सहकारी बैंक ने खरीफ सीजन में 469.61 करोड़ रुपये का फसल ऋण वितरित कर 102.09% लक्ष्य हासिल किया। समय पर ऋण मिलने से हजारों किसानों को खेती के लिए बड़ी राहत मिली।
bhandara cooperative bank crop loan distribution kharif 2026
भंडारा जिला सहकारी बैंक- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bhandara Cooperative Bank: खरीफ सीजन में किसानों को समय पर फसल ऋण उपलब्ध कराने के मामले में भंडारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। 10 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार बैंक ने प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) और प्रत्यक्ष वित्तपोषण के माध्यम से निर्धारित वित्तीय लक्ष्य से अधिक 102.09 प्रतिशत ऋण वितरण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

खरीफ सीजन में बीज, खाद, कीटनाशक और खेती की बढ़ती लागत के बीच समय पर ऋण मिलना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में जिला सहकारी बैंक ने लक्ष्य से अधिक ऋण वितरित कर सहकारिता क्षेत्र की विश्वसनीयता को एक बार फिर साबित किया है।

लक्ष्य से अधिक ऋण वितरण: बैंक

का लक्ष्य इस वर्ष 85 हजार सदस्य किसानों को 460 करोड़ रुपये का फसल ऋण उपलब्ध कराना था। इसके तहत 76 हजार 102 किसानों को पैक्स के माध्यम से तथा 805 किसानों को प्रत्यक्ष वित्तपोषण के जरिए ऋण दिया गया। कुल 75 हजार 277 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र के लिए 461 करोड़ 32 लाख 92 हजार 580 रुपये का फसल ऋण वितरित किया गया। गन्ना फसल के लिए 79 लाख 78 हजार 600 रुपये तथा अन्य योजनाओं के तहत 37 लाख 68 हजार रुपये का ऋण दिया गया। इस प्रकार बैंक ने कुल 469 करोड़ 61 लाख 39 हजार 180 रुपये का ऋण वितरित किया।

खरीफ सीजन के लिए बड़ी राहत

इस वर्ष मानसून की शुरुआत में अनिश्चितता रही, लेकिन बारिश में सुधार के साथ बुआई ने गति पकड़ी है। ऐसे में समय पर मिला फसल ऋण किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। कृषि विभाग का मानना है कि समय पर पूंजी मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ती है और किसान आधुनिक कृषि तकनीकों का बेहतर उपयोग कर पाते है। साथ ही किसानों को निजी साहूकारों से ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेने की आवश्यकता भी कम हुई है।

राष्ट्रीयकृत और निजी बैंक पीछे, किसान त्रस्त

आंकड़ों के अनुसार जिले की राष्ट्रीयकृत, निजी और ग्रामीण बैंकों की तुलना में सहकारी बैंक फसल ऋण वितरण में आगे गो। सभी वाणिज्यिक बैंकों ने मिलकर 270 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले फेवात लगभग 20 प्रतिशत ऋण वितरण किया राष्ट्रीयकृत बैंकों की उपलब्धि 24 प्रतिशत, नियों बैंकों की 10 प्रतिशत और सामीण बैंकों की 43 प्रतिशत रही। इसके विपरीत साकारी बैंकों ने 480 करोड़ रुपये के लक्ष्य में से 66 प्रतिशत ऋण वितरण किया, जिसमें भंडारा जिला मध्यवती सहकारी बैंक की सबसे बाड़ी हिस्सेदारी राही बैंक की सक्रिय कार्य के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को ऋण प्राप्त करने में अधिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com